अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध करते रहे, वही आज रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबरी के हिमायती कभी भी बजरंगबली के भक्त नहीं हो सकते।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण को लेकर चंदा चोरी जैसे आरोप लगाकर अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि और सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
दिगंबर अखाड़ेमें ब्रह्मलीन महंत रामचंद्र दास परमहंस की पुण्यतिथि पर आयोजित संत सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के लोग स्वयं को रामभक्त बताने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उनका राजनीतिक और वैचारिक इतिहास इसके विपरीत रहा है।
ये लोग बजरंगबली के नहीं, बल्कि बाबरी के भक्त हैं और बजरंगबली ऐसे कालनेमियों को भली-भांति पहचानते हैं। अब रामभक्तों को भी उन्हें पहचानने की सामर्थ्य विकसित करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या और राम जन्मभूमि को निशाना बनाकर वास्तव में सनातन धर्म पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संतों ने कठिन संघर्ष और तपस्या की, जिसके परिणामस्वरूप आज भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। ऐसे में आंदोलन और मंदिर को बदनाम करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
अयोध्या के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी यहां श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन आज राम की पैड़ी, सरयू घाट और पूरी अयोध्या का स्वरूप बदल चुका है।
कहा कि अब अयोध्या वास्तव में अपनी गौरवशाली पहचान के अनुरूप दिखाई देती है। सप्तपुरियों में प्रथम मानी जाने वाली अयोध्या का विकास आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा रहा है। आज विश्वभर में अयोध्या का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है, जिसका श्रेय संतों के त्याग, तप और संघर्ष को जाता है।