अयोध्या। युवक का अपहरण कर उसकी मोटरसाइकिल व मोबाइल लूटने के बाद हत्या करने के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी सुनील डांसर को जिला जज की अदालत से राहत नहीं मिली। जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने सोमवार को आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को आपराधिक षड्यंत्र के तहत अपहरण और हत्या का गंभीर अपराध माना।
अभियोजन के अनुसार घटना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र की है। सरेसर गांव निवासी अभिषेक दुबे रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। 14 मई की शाम करीब 6:30 बजे निधियावां की तरफ से मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात लोग आए और धर्मपुर सड़क के किनारे अभिषेक को घायल अवस्था में फेंककर फरार हो गए। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के भाई अभिनाश दुबे की तहरीर पर बीकापुर कोतवाली में दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान अभिषेक की मोटरसाइकिल और मोबाइल लूटे जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने 19 मई को नताशा किन्नर, विजय ढोलकिया और अंशू मौर्या को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल व मोबाइल के अलावा घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया। आरोपियों के बयानों के आधार पर इनायतनगर क्षेत्र के मरुई सहाय गांव निवासी सुनील डांसर पुत्र पप्पू लहरी समेत पिंकी मिश्रा किन्नर, तन्नू किन्नर और नताशा किन्नर को नामजद किया गया।
आरोपी सुनील डांसर ने जमानत अर्जी में खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। अभियोजन ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।