अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की चार्जशीट में गणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की मौजूदगी में आरोपी कैश बंडल व अन्य सामान हटाते और नोट जेब में रखते रहे, लेकिन उन्हें रोकने की कार्रवाई नहीं की गई। कर्मचारियों के बयान के अनुसार सुभाष ने चेकिंग करने वालों से कहा था, सभी अपने लोग हैं, विश्वसनीय हैं, इनकी चेकिंग न करो, जाने दो।
चार्जशीट के मुताबिक छह फरवरी 2025 के सामान्य दिशा-निर्देशों में सुभाष को गणना कक्ष प्रभारी बनाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कहा है कि उसकी मौजूदगी में अन्य आरोपी कैश बंडल व सामान हटाते दिखे। पुलिस के अनुसार सुभाष ने निर्धारित व्यवस्था के तहत उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। गणना कर्मियों के ड्रेस कोड का पालन भी नहीं कराया गया और आने-जाने वालों की चेकिंग नहीं हुई।
सुभाष से पहले टिन्नू के पास थीं दानपात्र की चाबियां
चार्जशीट के अनुसार 2020 से 2022 के बीच दानपात्र की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास थीं। सात सितंबर 2020 से छह जनवरी 2022 के जमा रजिस्टर से दान-चढ़ावे की धनराशि व बहुमूल्य वस्तुओं को हस्ताक्षर के साथ एसबीआई में जमा करने की पुष्टि का दावा किया गया है। सात जनवरी 2022 से गिनती और एसबीआई नयाघाट शाखा में जमा कराने की जिम्मेदारी सुभाष को दी गई। पुलिस ने बैंक रजिस्टर पर उसके हस्ताक्षर को आधार बताया है। चार्जशीट में कहा गया है कि गणना कार्य की निगरानी के दौरान टिन्नू और सुभाष की पहचान हुई।