अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणी से आहत होकर इस्तीफा देने वाले डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। उन्होंने दो सप्ताह की पूर्व में ली हुई छुट्टी अब 28 फरवरी तक बढ़ा ली है। इससे स्टेट जीएसटी कार्यालय से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राज्य कर विभाग में उपायुक्त कर प्रशांत सिंह ने 27 जनवरी को इस्तीफा दिया था। इस्तीफे में उन्होंने प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री, गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के खिलाफ अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत होने का दावा किया था। आरोप लगाया था कि शंकराचार्य भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध साजिश कर रहे हैं। वह समाज में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
पहली बार सरकार के समर्थन में किसी के इस्तीफा देने से चर्चा का माहौल बन गया। जिले से लेकर देश व प्रदेश स्तर तक वह सुर्खियों में आए। इस्तीफे के बाद मान-मनौवल का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच उनके सगे भाई विश्वजीत सिंह ने उनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी बताकर नया मामला खड़ा कर दिया। इसके बाद 31 जनवरी को उपायुक्त ने इस्तीफा वापस लेकर कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन अगले ही दिन वह दो सप्ताह के अवकाश पर चले गए।
14 फरवरी को ही उनकी छुट्टी पूरी हो रही थी, इससे पहले ही उन्होंने 14 दिन का और अवकाश ले लिया है। अब उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र की सत्यता, उनके अवकाश आदि को लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं, उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले जिला अस्पताल के पूर्व प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृज कुमार को लेकर भी चर्चाएं हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई कागजात न आने से अस्पताल प्रशासन इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है।
स्टेट जीएसटी के अपर आयुक्त ग्रेड-2 अमित मोहन ने बताया कि विभाग से एक ईमेल आया था, जिसे उपायुक्त को अग्रसारित कर दिया गया था। इसका उन्होंने जवाब दे दिया था। प्रकरण में अधिक जानकारी नहीं है।