अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्रीराम जन्मभूमि परिसर श्रद्धा, भक्ति और गुरु परंपरा के रंग में सराबोर रहा। परिसर स्थित सभी 17 मंदिरों में विधि-विधान से विशेष पूजन-अर्चन किया गया। वहीं सप्त मंडपम में स्थापित ऋषि-महर्षियों के मंदिर में विशेष पूजन हुआ। परकोटा के शिव मंदिर व कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक हुआ। रामलला व राजाराम का पंचामृत अभिषेक किया कर 56 भोग अर्पित किया गया। इस दौरान देर शाम तक एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में माथा टेका और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भोर से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। सरयू स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे दिन दर्शन का क्रम लगातार चलता रहा। राम जन्मभूमि परिसर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। सप्त मंडपम में महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि के मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन किया गया। गुरु पूर्णिमा पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष व्यवस्था की थी। इसके तहत दर्शन सुबह 5:30 बजे ही से ही शुरू कर दिया गया। दर्शन पथ पर सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी।