अयोध्या। नगर निगम बोर्ड की गांधी सभागार में हुई नौवीं बैठक में नई कार्यकारिणी के गठन का फैसला लिया गया। इसके पहले स्वच्छता सर्वेक्षण में 28वीं रैंक आने पर सदन ने ध्वनि मत से प्रसन्नता जताई और अगले साल देश के नगर निकायों में टॉप टेन में आने का संकल्प जताया। सपा पार्षदों ने कार्यकारिणी चुनाव को विरोध करते हुए खूब हंगामा किया।
महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक में नगर आयुक्त जयंत कुमार, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ व भारत कुमार का परिचय कराया गया। इस मौके पर विधायक वेद प्रकाश गुप्त व सांसद प्रतिनिधि जाफर मीसम मौजूद रहे। इसके बाद महापौर ने स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में 28वां स्थान आने पर नगर की जनता, पार्षद गण और कर्मचारियों की सराहना की। उनके प्रस्ताव पर सदन ने ध्वनि मत से अगले वर्ष देश के टॉप 10 नगर निकायों में शामिल होने के लिए और सजगता से काम करने का संकल्प लिया। महापौर ने कहा कि उन्होंने सामुदायिक व निजी शौचालयों में सुधार की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पिरखौली का प्लांट चालू होने पर हम स्वच्छता के मामले में टॉप-10 में आ जाएंगे।
चर्चा की शुरुआत में विपक्षी पार्षद दल के नेता विशाल पाल ने कार्यवृत्त की उपलब्धता का मसला उठाया। इसके बाद विनय जायसवाल ने एक अप्रैल से 25 जुलाई तक के आय-व्यय का विवरण मांगा। चर्चा आगे बढ़ी तो पूर्व उप सभापति जय नारायण सिंह ने कार्यकारिणी के चुनाव का मुद्दा उठाया। इस पर विशाल पाल और रामभवन यादव ने आपत्ति जताई तो भाजपा पार्षद बृजेंद्र सिंह, अनूप दास, चंदन सिंह समेत अन्य ने विरोध जताया।
पार्षद रिंकू सिंह ने कहा कि जो कार्यकारिणी कालातीत हो चुकी है, वह सदन को संचालित नहीं कर सकती है। अनुज दास ने कहा कि जब कार्यकारिणी ही अल्पमत में है तो सदन के संचालन का कोई औचित्य नहीं है। बृजेंद्र सिंह ने सबसे पहले कार्यकारिणी के चुनाव पर निर्णय लिए जाने पर जोर दिया।
महापौर ने 15 से 20 दिन में विधिक राय लेकर नई कार्यकारिणी के लिए चुनाव कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इसके साथ ही बैठक स्थगित करने की घोषणा की। बैठक का संचालन सीटीओ गजेंद्र सिंह ने किया। सदन की बैठक में उप सभापति राजेश गौड़, संतोष सिंह, अखिलेश पांडेय, गरिमा मौर्या, आभा पांडेय, रंजन यादव, सुल्तान अंसारी, मिथिलेश मिश्र, सुमन यादव व अर्चना श्रीवास्तव समेत अन्य पार्षदों ने हिस्सा लिया।
नगर निगम बोर्ड की बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कोई मुद्दा उठाया जाता है तो भाजपा पार्षद जय श्रीराम का नारा लगाकर उसे दबा देते हैं। सपा पार्षद विशाल पाल और रामभवन यादव ने कहा कि सदन जय श्रीराम के नारों से नहीं संविधान से चलेगा। उन्होंने कहा कि जिन कार्यकारिणी सदस्यों का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, उनका भी चुनाव कराने की तैयारी है। जब तक उनका कार्यकाल पूरा नहीं होगा, तब तक उनका चुनाव असंवैधानिक माना जाएगा। पार्षद अर्जुन यादव सोमू ने कहा कि बिना राष्ट्रगान कराए ही बोर्ड की बैठक समाप्त कर दी गई। महापौर जनहित के मुद्दों से भाग खड़े हुए।