अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय में सतत पर्यटन प्रबंधन विषय पर छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। अंतिम दिन विषय विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बजट नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन पर जोर दिया। डॉ. गीतिका श्रीवास्तव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से पर्यावरण-अनुकूल रणनीतियों पर बताया। डॉ. अनुराग तिवारी ने आतिथ्य क्षेत्र में एआई के अनुप्रयोग बताए। डॉ. रवींद्र भारद्वाज ने धरोहरों के संरक्षण पर चर्चा की। समापन सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए।