अयोध्या। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के गणना प्रपत्र ने भी धार्मिक स्वरूप ले लिया है। एसआईआर फॉर्म सनातन की आस्था के रंग से सराबोर हो गया है। साधु-संतों की ओर से फॉर्म में मां वाले कॉलम में माता सीता, जानकी, कौशल्या और सुमित्रा का नाम दर्ज किया जा रहा है।
इसकी शुरुआत हिंदू धाम पीठाधीश्वर और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती की ओर से की गई। उन्होंने कहा कि संत बनने के बाद पिता के स्थान पर गुरु का नाम लिखा जाता है। इसलिए कई संतों ने अपने पिता के नाम पर अपने गुरु का नाम लिखा है और माता के नाम पर माता सीता, जानकी, कौशल्या और सुमित्रा का नाम दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने साधु-संतों से अपील की कि फिर फॉर्म में मां वाले कॉलम में इन्हीं नाम को दर्ज करें, बस फिर क्या था संत- महंतों में इसकी होड़ मच गई। बड़ी संख्या में साधु-संत अब यही नाम दर्ज कर रहे हैं।
निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि मां के कॉलम में दर्ज नाम से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने की बाध्यता नहीं है। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं को बाद में नोटिस जारी की जा सकती है।