अयोध्या। श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की एसआईटी जांच अभी जारी है। जांच के क्रम में गठित फोरेंसिक ऑडिट टीम ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर ट्रस्ट के बैंक लॉकर और वित्तीय अभिलेखों की दोबारा जांच की। टीम ने बैंक में ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेजों, लॉकर से जुड़े अभिलेखों और लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड का परीक्षण किया।
इस दौरान बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से भी आवश्यक जानकारी ली गई। जांच के दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन और सचिव जगदीश आफले भी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, फोरेंसिक ऑडिट टीम जांच के प्रत्येक वित्तीय पहलू को दस्तावेजी और तकनीकी आधार पर सत्यापित कर रही है। इससे पहले भी टीम लगातार चार दिनों तक बैंक में ट्रस्ट के लॉकर और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर चुकी है। सोमवार को हुई पड़ताल को उसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। टीम ने ट्रस्ट की सालाना आय-व्यय से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय अभिलेखों की भी जांच की।
आय के स्रोत, विभिन्न मदों में हुए भुगतान, खर्च से संबंधित दस्तावेज और ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों का आपसी मिलान किए जाने की जानकारी है।
सूत्रों ने बताया कि फोरेंसिक ऑडिट का उद्देश्य वित्तीय रिकॉर्ड में दर्ज प्रविष्टियों और वास्तविक लेनदेन के बीच किसी तरह की विसंगति होने की स्थिति में उसका पता लगाना है। फिलहाल फोरेंसिक ऑडिट टीम की ओर से जांच के निष्कर्षों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से ही वित्तीय अभिलेखों की पड़ताल के निष्कर्ष स्पष्ट होंगे।
इनसेट
डॉ. अनिल मिश्र के पीए सहित दो कर्मियों ने दिया इस्तीफा
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में कार्यरत दो कर्मचारियों के इस्तीफे की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, डॉ. अनिल मिश्र के पीए के रूप में कार्यरत एक कर्मचारी ने हाल में इस्तीफा दिया है। हालांकि, उनके इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं, ट्रस्ट के दान काउंटर पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत एक अन्य कर्मचारी ने करीब एक सप्ताह पहले इस्तीफा दिया था। ट्रस्ट ने दोनों इस्तीफे मंजूर कर लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कंप्यूटर ऑपरेटर ने अपने इस्तीफा पत्र में तीन वर्षों से ट्रस्ट में कार्यरत होने का उल्लेख किया है। पत्र में वेतन में अब तक केवल 900 रुपये की वृद्धि होने की बात भी कही गई है। बताया गया है कि कर्मचारी करीब नौ हजार रुपये मासिक वेतन पर कार्य कर रहा था।