अयोध्या। राम मंदिर आंदोलन के अहम किरदार रहे स्वर्गीय अशोक सिंहल की 100वीं जयंती पर अयोध्या में चार दिवसीय भव्य आयोजन होगा। 27 सितंबर को श्रीराम स्तंभ योजना का शुभारंभ किया जाएगा। अशोक सिंहल फाउंडेशन ने श्रीराम वनगमन मार्ग के 290 स्थलों को चिह्नित कर उन्हें नई पहचान देने की योजना बनाई है। इन स्थलों पर श्रीराम स्तंभ स्थापित किए जाएंगे।
अयोध्या में कुल 11 श्रीराम स्तंभ स्थापित होने हैं। पहला स्तंभ ऐतिहासिक भरतकुंड में स्थापित होगा, जहां मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम के वनवास जाने के बाद भरत ने 14 वर्षों तक तपस्या की थी। आयोजन को लेकर कारसेवकपुरम में अशोक सिंहल फाउंडेशन और विहिप कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें राजनीतिक व प्रशासनिक हस्तियों के साथ बड़ी संख्या में साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है। फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी महेश भागचंदका को हाल ही में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
स्तंभ स्थलों पर मिट्टी परीक्षण पूरा हो चुका है। सात स्तंभों का फाउंडेशन बनकर तैयार है और इनके 14 सितंबर तक अयोध्या पहुंचने की संभावना है। भरतकुंड के अलावा राम मंदिर परिसर, मखौड़ा धाम, रामकुंड, हनुमान-भरत मिलन नंदीग्राम, भरतकुंड नंदीग्राम, जटाकुंड, दशरथ समाधि स्थल, विभीषण कुंड, सुग्रीव कुंड, हनुमान कुंड और सीता कुंड में स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। (संवाद)