मिल्कीपुर। तहसील, ब्लॉक परिसर और इनायतनगर कस्बे में घूमने वाली 90 वर्षीय लावारिस महिला का मंगलवार को निधन हो गया। महिला हाइडल कॉलोनी के एक जर्जर कमरे में रहती थी। लेखपाल ने ग्राम प्रधान के सहयोग से इनायतनगर स्थित श्मशान भूमि पर उनका दाह संस्कार कराया।
बताया जा रहा है कि महिला 1992 के राममंदिर आंदोलन में अपने परिवार से बिछड़ गई थी। इसके बाद वह इनायतनगर क्षेत्र में पहुंच गई। वह सिर्फ बउआ बउआ शब्द ही बोल पाती थीं। मंगलवार सुबह हाइडल के कर्मचारियों ने महिला की आवाज नहीं सुनी। उन्होंने जर्जर कमरे में आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। एसडीओ अमित कुमार ने इसकी सूचना इनायतनगर पुलिस और तहसील प्रशासन को दी। पुलिस के पहुंचने पर महिला के कमरे में रखे एक बॉक्स को खोला गया। इसमें 2 लाख 84 हजार रुपये नकद और कुछ अंगूठियां मिलीं। कोई वारिस न होने के कारण स्थानीय लेखपाल ने ग्राम प्रधान की मदद से दाह संस्कार कराया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह वृद्धा 1992 से इनायतनगर में रह रही थीं। वह लोगों से 5-10 रुपये मांगकर अपना जीवन यापन करती थीं। बउआ बउआ शब्द के अलावा वह कुछ भी बोलने में सक्षम नहीं थीं। इस कारण उनके घर-परिवार के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
एसडीएम मिल्कीपुर सुधीर कुमार ने इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला के कमरे से मिले रुपयों को ग्रामनिधि के खाते में सुरक्षित रखे जाएंगे।