अयोध्या। डॉ. अंबेडकर क्रीड़ा संस्थान में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से एक दिवसीय पीएम श्री बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन मंगलवार को किया गया। इसमें 50 मीटर बालक वर्ग दौड़ में शहबाज प्रथम, अंश द्वितीय, बादल तृतीय और 100 मीटर में अरुण प्रथम, देबी प्रसाद द्वितीय, सत्यम कुरावन तृतीय स्थान पर रहे।
200 मीटर में देवी प्रसाद खांडसा अमानीगंज प्रथम, अंश सरायभनोली बीकापुर द्वितीय, गोविंद मसौधा तृतीय, 400 मीटर रिलेरेस में दीपक यादव तिहुरा मांझा पूरा प्रथम, गोविंदा पाराकैल मसौधा द्वितीय, एहसान सरायभनोली बीकापुर तृतीय स्थान प्राप्त किया। खो-खो में खंडासा अमानीगंज की टीम विजेता और पाराताजपुर हैरिंगटनगंज की टीम उपविजेता रही। बालक कबड्डी में खंडासा विजेता और पाराताजपुर हैरिंगटनगंज उपविजेता बना।
बालिका वर्ग 50 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में स्तुति मिश्रा प्रथम, अंशिका द्वितीय, आराध्या तृतीय, 100 मीटर में शाहजहां प्रथम, अंशिका द्वितीय, आराध्या तृतीय स्थान पर रहीं। 200 मीटर में शाहजहां, अंशिका द्वितीय, अंशिका यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर रिले रेस में सिंपी यादव प्रथम, संध्या कुरावन द्वितीय, करिश्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कबड्डी प्रतियोगिता में खंडासा अमानीगंज की टीम विजेता और मांझा तिहुरा पूरा की टीम उपविजेता रहीं।
वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में एकांकी में पाराकैल प्रथम और ओरवा अमानीगंज द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समूहगान/नृत्य में पाराकैल प्रथम और मुमताजपुर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मुख्य अतिथि सीडीओ ने कहा कि खेल से बच्चों में अनुशासन की भावना उत्पन्न होती है। साथ ही उनका शारीरिक व मानसिक विकास भी होता है। ऐसे आयोजनों से उनके खेल की रुचि भी बढ़ती है। प्रतियोगिता का शुभारंभ बीएसए संतोष कुमार राय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
समापन पर संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बच्चे खेल के माध्यम से सीखते हैं। डायट प्राचार्य लालचंद्र ने कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा के साथ खेल का बहुत महत्व है। समाज कल्याण अधिकारी रण विजय सिंह ने कहा कि बच्चों को खेल के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। इस दौरान नगर निगम सहायक वित्त लेखाधिकारी राकेश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर शिव कुमार यादव, नोडल प्रभारी मसौधा बीईओ शैलेंद्र कुमार, राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. अंबिकेश त्रिपाठी मौजूद रहे।