बढ़ते जलस्तर से गहरा राह संकट-संवाद
रुदौली। सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। मंगलवार को 91.80 मीटर रहा नदी का जलस्तर बुधवार सुबह बढ़कर 92.00 मीटर पहुंच गया। नदी अभी भी खतरे के निशान से 0.700 मीटर नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
घाघरा का पानी बढ़ने से महंगू का पुरवा, अब्बूपुर, सल्लाहपुर, मुजेहना, सरायनासिर और कैथी समेत कई गांवों के चारों ओर पानी पहुंच गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों में बाढ़ और कटान की आशंका को लेकर दहशत का माहौल है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो सबसे पहले माझा क्षेत्र के खेत जलमग्न होंगे, जिससे धान सहित खरीफ की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है और गांवों का संपर्क टूटने पर नाव ही एकमात्र सहारा बनती है।
एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कराई जा रही है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे।
तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में 12 लेखपालों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। सभी लेखपाल अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर जलस्तर, कटान और गांवों की स्थिति की रिपोर्ट दे रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए तीन नावों की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि तीन बाढ़ चौकियां भी सक्रिय कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन सहित सभी विभागों की टीमें अलर्ट पर हैं।