अयोध्या। भव्य राम मंदिर में आगामी ध्वजारोहण समारोह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके आधार पर मंदिर परिसर की सुरक्षा रूपरेखा में व्यापक बदलाव किए जाएंगे। ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले परिसर में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आधुनिक तकनीक से निगरानी की जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की तैनाती को और दुरुस्त करने के साथ ही मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की जांच व्यवस्था को भी बहु-स्तरीय बनाया जाएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि नवंबर से राम मंदिर परिसर स्थित अन्य प्राचीन मंदिरों को भी आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। इससे आने वाले पर्यटकों और भक्तों को अयोध्या की धार्मिक धरोहर का अधिक सजीव अनुभव मिलेगा। रामलला के दर्शन को आए दिन लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा प्रबंधन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही सुरक्षा कवच भी और मजबूत होगा। परिसर को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस करने के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अयोध्या में एनएसजी की भी जल्द तैनाती की जाएगी। इस पर भी बैठक में चर्चा कर की गई।
आईजी परिक्षेत्र प्रवीण कुमार ने बताया कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन किया गया है। राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है। यहां किसी भी स्तर पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। आगामी आयोजनों को देखते हुए हर व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है। बैठक में एडीजी जोन सुजीत पांडेय, एडीजी सुरक्षा रघुवीर लाल, एडीजी यूपीएसएसएफ ध्रुवकांत ठाकुर, निदेशक आईबी तपन कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक यूपीएसएसएफ, पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी, पुलिस उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ, मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, आईजी परिक्षेत्र प्रवीण कुमार, एसएसपी डॉ़ गौरव ग्रोवर, एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऑपरेशन सिंदूर जैसी सुरक्षा से आच्छादित होगा राम मंदिर
बैठक के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैठक के बाद अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। आपरेशन सिंदूर के मध्य सुरक्षा के जैसे तौर-तरीके देखे गए और व्यवहार में लाए गए उनको ध्यान में रखकर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में भूटान के पीएम के शुक्रवार को प्रस्तावित दौरे को लेकर भी चर्चा की गई। सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक रामलला के दर्शन हो सकें, इस पर चर्चा की गई।