घर का इकलौता चिराग था अयांश
अयांश की मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। वह रमाशंकर का इकलौता बेटा था। रमाशंकर भी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। पिता की बचपन में मृत्यु के बाद मां बीना ने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। रमाशंकर की मजदूरी से ही घर का खर्च चलता है।
ओवरलोडिंग और चालक के नशे में होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता था। घटना वाले दिन भी अयांश की मां कविता और दादी बीना ने वाहन में अधिक बच्चों को बैठाने की शिकायत की थी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि चालक नशे का आदी है और उसके स्थान पर दूसरे चालक की मांग पहले भी स्कूल प्रबंधन से की गई थी।
परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल
हादसे के बाद स्कूली वाहनों की निगरानी और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के बावजूद स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की जांच में लापरवाही बरती जा रही है।
वाहन विद्यालय का नहीं
स्कूल प्रबंधक शुभम दूबे ने बताया कि दुर्घटना वाला वाहन विद्यालय का नहीं है। चालक उसी के वाहन से विद्यालय के बच्चों को लाता-ले जाता था। वाहन किसके नाम पर है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर पियूष ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन और चालक को थाने लाया गया है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। चालक के नशे के आदी होने के आरोप की भी जांच कराई जाएगी। वैन का रजिस्ट्रेशन चालक हरिमोहन पाठक के ही नाम से है।