रुदौली। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। सोमवार को दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 92.210 मीटर दर्ज किया गया। नदी का खतरे का निशान 92.700 मीटर है। नदी अभी खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। प्रशासन तटवर्ती क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरत रहा है।
सिंचाई विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सरयू के जलस्तर में धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। नदी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन तटवर्ती गांवों के निचले इलाकों में इसका असर दिखने लगा है। कैथी, महंगू का पुरवा, सल्लाहपुर, मुझेहना, अब्बूपुर, सरायनासिर समेत कई गांवों के निचले खेतों में पानी पहुंचने लगा है। धान, मक्का की फसलें प्रभावित होने लगी हैं। किसान जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर चिंतित हैं।
तहसील प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर रखी हैं। राजस्व विभाग की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और गांवों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लेखपालों को नियमित भ्रमण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों और अन्य राहत संसाधनों को भी तैयार रखा गया है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं, बच्चों को नदी के आसपास न जाने दें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।
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एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही हैज्ञ। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। तटवर्ती गांवों में राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हैं।