अयोध्या। पवित्र सरयू राम की नगरी में ही अपनी निर्मलता खो रही है। प्रदूषित हो रही सरयू को ऐसे भगीरथ का इंतजार है जो उसकी निर्मलता का संरक्षण कर सके। नगर निगम के 15 नाले सीधे सरयू में गिर रहे हैं। इस वजह से देश की सबसे साफ नदियों में गिनी जाने वाली सरयू का जल अब काला होने लगा है। कई स्थानाें पर तो सरयू का जल अब आचमन योग्य भी नहीं रहा।
सरयू की सबसे खराब स्थिति राजघाट और लक्ष्मणघाट के पास है। इस समय जलस्तर कम है, इस वजह से नालों की गंदगी स्पष्ट रूप से नदी में दिख रही है। इसको लेकर रामनगरी के साधु-संतों में नाराजगी है। स्थानीय निवासी संत कविराज दास बताते हैं कि सरयू में ऋणमोचन घाट, राजघाट व गोलाघाट मोहल्लों के नालों का पानी गिर रहा है। सरयू में मृत गोवंश भी फेंके जाते हैं, जिससे सरयू प्रदूषित हो रही है।
नदी में रास्ता बनाकर रोक दिया जलप्रवाह
फरवरी में राजघाट के पास विशाल महायज्ञ का आयोजन सरयू की गोद में हुआ था। इसके लिए नदी की धारा को अवरुद्ध करते हुए अस्थायी रास्ता बनाया गया था। इसके चलते राजघाट से प्रवाहित हो रही सरयू झुनकीघाट तक आकर ठिठक जा रही है। अस्थायी रास्ते के चलते सरयू का प्रवाह रुक गया है। यहां सरयू के जल का काला रंग स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यहां नालों से आ रहा कचरा भी इकट्ठा हो रहा है।
सरयू की पवित्रता को लेकर काफी समय पहले मुख्यमंत्री से शिकायत की गई थी। उसके बाद नदी में गिर रहे नालों को टैप कराया गया था, लेकिन अभी सरयू में कुछ स्थानों पर नाले का पानी गिर रहा है, जिससे सरयू की निर्मलता प्रभावित हो रही है। सरयू के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
- महंत कमलनयन दास
- झुनकीघाट, राजघाट पर कुछ नाले सरयू में गिर रहे हैं। यहां सरयू का प्रवाह भी कुछ दिनों से कम हो गया है। गंदगी जगह-जगह जम गई है। प्रदूषण व मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मंदिरों में सरयू जल से भगवान को भोग, स्नान कराया जाता है। जल दूषित होने से आचमन के लिए मन नहीं करता।
-महंत करुणानिधान शरण
सरयू की निर्मलता के लिए नगर निगम पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरयू में गिरने वाले अधिकतर नालों को पहले ही टैप करा दिया गया है। केवल गुप्तारघाट पर एक नाला बचा है, उसे भी जल्द बंद करा दिया जाएगा। यदि कुछ छोटे नाले टैप होने से रह गए हैं तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा।
-महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महापौर