अयोध्या। पहलगाम आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक से रामनगरी अयोध्या में हर्ष का माहौल है। जानकी नवमी के उल्लास में डूबी अयोध्या में साधु-संतों ने इस कार्रवाई को सेना की वीरता और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने भारतीय सेना को सलाम करते हुए कहा कि इस जवाबी कार्रवाई से देश का गौरव और आत्मविश्वास बढ़ा है।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की थी। सेना ने जो पराक्रम दिखाया है, उसके लिए वह सैल्यूट की हकदार है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर 56 इंच का सीना दिखाया है। हमें विश्वास है कि आतंकवाद की जड़ जल्द समाप्त होगी।
सिद्धपीठ हनुमत निवास के महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने सेना की कार्रवाई की तुलना त्रेता युग में हनुमान जी द्वारा लंका विध्वंस से करते हुए कहा है कि यह भारत की सैन्य शक्ति और शौर्य का प्रतीक है। ''ऑपरेशन सिंदूर'' वास्तव में दुष्टों के विनाश की पुनरावृत्ति है।
आचार्य राकेश तिवारी ने कहा कि सेना की इस कार्रवाई से हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। अब समय आ गया है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को भारत में शामिल किया जाए। अब पीओके लेने का समय आ गया है।
इकबाल अंसारी, बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार ने कहा कि सवाल देश की सुरक्षा का है। अगर पाकिस्तान का रवैया ऐसा ही रहा, तो उसका वजूद भी खतरे में पड़ जाएगा। हमारी दुआ है कि हिंदुस्तान हमेशा विजयी रहे।
जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने सेना के टैंक का पूजन कर वीरता का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में इस्तेमाल हुए टी-55 टैंक की पूजा कर हमने सेना को सम्मान दिया है। जिस दिन पीओके भारत का हिस्सा बनेगा, पूरे देश में दिवाली मनाई जाएगी।