भेलसर। रुदौली की 137 साल पुरानी रामलीला का मंचन 11 अक्तूबर से शुरू होगा। प्राचीन श्रीरामलीला समिति ख्वाजाहाल की ओर से लगातार 12 दिनों तक आयोजित होने वाली रामलीला में इस बार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिये दर्शकों को पारंपरिक रामकथा नए अंदाज में देखने को मिलेगी।
रामलीला के मंचन को प्रभावशाली बनाने के लिए एआई, 3डी मैपिंग, विजुअल इफेक्ट्स और आधुनिक साउंड सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीपति अग्रवाल ने बताया कि आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सह-निर्देशक मृदुल मनोहर अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक विरासत को आधुनिक मंचीय तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है।
रामलीला में आठ वर्ष के बच्चों से लेकर 70 वर्ष तक के बुजुर्ग विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हैं। इसका मंचन कमलेश मिश्रा और मृदुल मनोहर अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया जाता है। आयोजन को सफल बनाने में अनुराग अग्रवाल, बद्री प्रसाद, राजेश बंशल, आलोक गर्ग, विष्णु अग्रवाल, शिव कुमार कसौधन, आशीष शर्मा, रमेश गुप्ता, रामजी अग्रवाल और शैलेंद्र शर्मा सहित अन्य लोग सहयोग कर रहे हैं।