फोटो-47-आरएस हॉस्पिटल सील करती जांच टीम-संवाद
मवई। दुल्लापुर मोड़ पर संचालित आरएस हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर को आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया। एक सप्ताह पूर्व बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया के निर्देश पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची और परिसर को सील कर दिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मौत के बाद अस्पताल की खुली पोल
11 फरवरी को पटरंगा क्षेत्र के मथुरा पुरवा गांव की 45 वर्षीय महिला की बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में नाराजगी बढ़ी है। खबर छपने पर स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम में एडिशनल सीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके गुप्ता और सीएचसी मवई अधीक्षक डॉ. मदन बरनवाल शामिल थे। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अस्पताल का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण ही नहीं था। जबकि उत्तर प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत किसी भी निजी अस्पताल या सर्जिकल सेंटर को संचालन से पहले पंजीकरण अनिवार्य है। इसके बावजूद 1 जनवरी 2026 को अस्पताल का उद्घाटन कर इलाज शुरू कर दिया गया था।
सील से पहले हटाए गए उपकरण
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई की भनक लगते ही अस्पताल संचालक ने कई महत्वपूर्ण उपकरण और संसाधन पहले ही हटा लिए थे। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। साथ ही इस पूरे मामले ने निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।