अयोध्या। बारिश के बाद शहर की गलियों की बदहाली और बढ़ गई है। सीवर और नाली निर्माण के नाम पर जगह-जगह सड़कें खोद दी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई। कहीं इंटरलॉकिंग सड़क उखड़ी पड़ी है तो कहीं सीसी सड़क पर गिट्टियां बिखरी हैं। कई जगह नालियां भी खुली छोड़ दी गई हैं।
जलनिकासी की समस्या वाले इलाकों में बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव से लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। शहर में करीब 150 सड़कें बदहाल हैं, कुछ सालों से उखड़ी हैं तो कुछ सीवर निर्माण के चलते खराब हो गई हैं, जिनकी मरम्मत कराने की सुध नहीं ली जा रही। कहीं दो महीने पहले सीवर के लिए खोदी गई सड़क अब तक नहीं बनी तो कहीं पांच साल पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इन रास्तों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी आवाजाही मुश्किल बनी हुई है।
गड्ढों और गंदे पानी के बीच पांच साल से सफर
जनौरा के अहिरान टोला में करीब 500 मीटर सड़क लंबे समय से बदहाल है। यहां जलनिकासी की समस्या करीब पांच साल पुरानी है। करीब छह महीने पहले सीवर और नाली निर्माण शुरू हुआ तो लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन काम अधूरा रह गया। नाली बन गई, मगर कई जगह खुली पड़ी है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि पैदल निकलना भी मुश्किल है।
सीवर के लिए खोदी सड़क, दो महीने बाद भी नहीं बनी
आबकारी गोदाम के पीछे पटेल नगर में करीब 400 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क लगभग दो महीने पहले सीवर डालने के लिए खोदी गई थी। काम पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा नहीं बनाया गया। बारिश होते ही यहां कीचड़ फैल जाता है और फिसलन बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 150 लोग रोज इस रास्ते से आवागमन करते हैं।
गिट्टियों के बीच 900 मीटर सड़क पर सफर
गांधी नगर में करीब दो महीने पहले सीवर डालने के लिए लगभग 900 मीटर लंबी सीसी सड़क खोदी गई। इसके बाद सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। पूरी गली में छोटे-बड़े पत्थर और उखड़ी सतह राहगीरों की परेशानी बढ़ा रही है। रोज करीब 400 लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। गली के मुहाने पर उभरे सीवर के ढक्कन और ऊबड़-खाबड़ सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।
एक महीने से खुदी सड़क, स्कूली बच्चों की राह मुश्किल
स्वर्गद्वार में करीब एक महीने से सड़क का निर्माण अधूरा पड़ा है। सड़क खोदने के बाद इसे समतल नहीं कराया गया। इसी रास्ते से कई विद्यालयों के बच्चे भी आते-जाते हैं। सड़क पर बिखरी गिट्टियां और जगह-जगह बने गड्ढे उनके लिए परेशानी का कारण बने हैं। बारिश के बाद लंबे समय तक काम अधूरा रहने से समस्या और बढ़ रही है।
प्राथमिकता के आधार पर पूरे करेंगे काम
जिन सड़कों की स्थिति खराब है, उनका निरीक्षण कराकर मरम्मत कराया जाएगा। जलभराव वाले स्थानों पर जलनिकासी की व्यवस्था भी दुरुस्त कराई जाएगी। लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।
-जयेंद्र कुमार, नगर आयुक्त