अयोध्या। पतली सड़क पर दोनों ओर से वाहनों की काफिला। हजारों लोगों का आवागमन। रास्ते में बार-बार बंद होती रेलवे क्राॅसिंग। जाम और खड़े-खड़े उकता जाने से ठंड में पसीना पोछते लोग। यातायात की बेहतरी के प्रयास कोरम पूरा कर रहे हैं। ये कागजों में भले ही सुखद अहसास करा रहे हों, लेकिन हकीकत ये है कि यहां से गुजरने वाले लोग परेेशानी से भुनभुना रहे हैं। ये दृश्य है रामनगरी की रायगंज रोड का। यहां यातायात की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं।
रामपथ लताचौक से टेढ़ी बाजार तक नो व्हीकल जोन है। इस रास्ते का दबाव कम करने वाले अयोध्याधाम के तीन और रास्ते भी बंद हैं। अंदर से बाहर और बाहर से अंदर जाने के लिए एकमात्र दर्शननगर-रानी बाजार (रायगंज मार्ग) की पतली सड़क बची है। रामनगरी के सारे यातायात का दबाव इसी पर है। अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन के पूरब में रायगंज रेलवे क्राॅसिंग है। इस पर रोजाना 30 से 32 ट्रेनों की आवाजाही रहती है। हर बार आठ से 10 मिनट क्रॉसिंग बंद रहती है। एक ट्रेन के निकलने से लगा जाम जब तक खुलता है, तब तक अगली ट्रेन के आने की वजह से क्रॉसिंग फिर बंद हो जाती है।
स्थानीय निवासियों की भी बढ़ी परेशानी
श्रद्धालुओं और वाहनों का सड़क पर दबाव यहां रहने वालों के लिए सांसतभरा है। लगभग सात मीटर चौड़े मार्ग के दोनों ओर के लोग सड़क पर जल्दबाजी में निकल नहीं सकते। चूके तो दुर्घटना हो सकती है। दरवाजे पर वाहन खड़े करने की तो बात ही छोडि़ए। शुक्रवार को रामपथ के एक लेन पर दोपहिया वाहन, दूसरी पर श्रद्धालुओं का रेला। रामघाट, टेढ़ी बाजार, हनुमानगुफा से पंचकोसी के अंदर वाहनों का प्रवेश बंद। लोग दूसरी गलियों से अंदर पहुंच रहे। यह समस्या प्राण प्रतिष्ठा समारोह से चली आ रही है।
वर्जन
लोगों की असुविधा दूर करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। इसीलिए बाहर के वाहनों को अंदर प्रवेश से रोका जा रहा है। शुक्रवार को दबाव थोड़ा कम हुआ है। इससे निजात का प्रयास किया जा रहा है।
राजेश तिवारी, सीओ यातायात, अयोध्या