अयोध्या। चक्रवात अर्नब के असर से तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने शहर से गांव तक मुसीबत बढ़ा दी है। मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक जलभराव और कीचड़ है।
कहीं नई सड़क धंस गई तो कहीं सीवर के लिए खोदी गई सड़कें दलदल में तब्दील हो गईं हैं। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। पेड़ और डालियां गिरने से प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित रहा।
नाका मुख्य मार्ग पर सीवर पाइप डालने के करीब दो महीने बाद बनाई गई सड़क धंस गई। सड़क का काम अभी पूरी तरह पूरा भी नहीं हुआ था। फतेहगंज के गणेश नगर-मकबरा मेन रोड पर गणेश स्वीट्स के सामने भी हल्की बारिश में सड़क धंस गई। इससे आवागमन में खतरा बना हुआ है। कौशलपुरी वार्ड के खोजनपुर में सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़क ठीक से न भरने के कारण कीचड़ और मलबे में बदल गई।
अग्रसेन नगर में टूटी सड़क पर महिलाएं और बच्चे फिसल रहे हैं। सुभाष चंद्र बोस वार्ड में आर. कन्या रोड से 12 पत्थर मोहल्ले जाने वाले रास्ते पर निर्माण के चलते पैदल निकलना भी मुश्किल है। जनौरा की कई गलियों में पानी भर गया। नेवतीपुरा-देवकली मार्ग पर सीवर कार्य के बाद धंसे गड्ढे पानी में छिप गए हैं। सिविल लाइंस स्थित शिक्षा भवन के सामने पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़क भी ठीक से बंद नहीं की गई।
धनीराम का पुरवा, आदर्श नगर, वजीरगंज जप्ती, नाका और मकबरा समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। रामपथ, धर्मपथ, नयाघाट और सिविल लाइंस जैसे प्रमुख मार्ग भी प्रभावित रहे। जनौरा, गुलाबबाड़ी, आदर्शपुरम, गांधी नगर, काली चौरा और फतेहगंज के निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया। कई जगह बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और स्कूल-कॉलेजों में भी जलभराव रहा। दुर्गापुर कॉलोनी, सिविल लाइंस, सुरसरी कॉलोनी, बेनीगंज के रामपथ और दर्शननगर में पेड़-डालियां गिर गईं। पत्रकार चौराहे पर तेज हवा में झूलता बोर्ड भी हादसे का खतरा बना हुआ है।
अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव ने बताया कि पेड़ गिरने की सूचना पर नगर निगम की टीमें भेजकर उन्हें हटाया जा रहा है। जलभराव वाले इलाकों में भी व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। भेलसर प्रतिनिधि के मुताबिक रुदौली तहसील के मलना का पुरवा में सड़क निर्माण न होने से दर्जनों घरों में पानी और कीचड़ घुस गया है। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों ने ग्राम प्रधान को सड़क बनवाने के निर्देश दिए थे। रुदौली के बीडीओ अखिलेश गुप्ता ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।