श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास।
- फोटो : amar ujala
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास और निर्मोही अखाड़े के नेतृत्व के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। दिल्ली में आयोजित पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़े की बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर अखाड़ा नेतृत्व अपने निर्णयों को वैधानिक और सर्वसम्मत बता रहा है, वहीं दूसरी ओर महंत दिनेंद्र दास ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए बैठक की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
निर्मोही अखाड़े के पदाधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में आयोजित बैठक में अखाड़े के हितों और अनुशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उनका दावा है कि बैठक में महंत दिनेंद्र दास के आचरण और कार्यशैली पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं तथा संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
ये भी पढ़ें - राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, बनेगी एक और SIT बनेगी; 27 जुलाई को फिर सुनवाई
ये भी पढ़ें - सीएम योगी बोले- बाराबंकी वालों के 'दोनों हाथों में लड्डू', विकास और धार्मिक पर्यटन दोनों का लाभ मिल रहा
बैठक में न सिर्फ उन्हें अयोध्या बैठक (निर्मोही अखाड़ा की शाखा) के महंत पद से हटाने का दावा किया गया है, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी सदस्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से निर्मोही अखाड़े के भीतर लंबे समय से चल रहा मतभेद अब सार्वजनिक हो गया है। चूंकि महंत दिनेंद्र दास श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य भी हैं, इसलिए इस विवाद पर अयोध्या के संत समाज और धार्मिक हलकों की नजर बनी हुई है।
दिनेंद्र दास बोले-19 में से 13 पंच हमारे साथ
श्री पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के महंत दिनेंद्र दास ने उस दावे को खारिज किया है, जिसमें उन्हें महंत पद से हटाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि निर्मोही अखाड़े में वर्तमान में 19 पंच हैं, जिनमें से 13 पंच उनके साथ हैं और अखाड़े का कार्यकारी अधिकार भी उनके पास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में जिस बैठक का हवाला दिया जा रहा है, उसकी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, बैठक का रिकॉर्ड और उस पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि अखाड़े के वरिष्ठ संत महंत रामचंद्राचार्य की आयु 102 वर्ष है और उनकी स्मरण शक्ति कमजोर हो चुकी है। उनका आरोप है कि कुछ लोग उनकी स्थिति का लाभ उठाकर अपने पक्ष में बयान दिलवा रहे हैं।