अयोध्या। तारुन के बारा गांव में सेवानिवृत्त कुर्क अमीन की हत्या 12 बीघे जमीन के विवाद में हुई थी। पुलिस ने साजिश रचने वाली महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बुधवार को लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि मृतक कर्मराज ने अपने भाई वंशराज की 12 बीघा जमीन का बैनामा करवा लिया था। वंशराज के बेटे रामधीरज की मौत के बाद उनकी पत्नी कृष्णावती और उनके बेटे ने अपना हिस्सा कर्मराज से मांगना शुरू किया तो उन्होंने मना कर दिया। इसी बात को लेकर उनमें आपस में विवाद रहता था।
इसी रंजिश में कृष्णावती ने कर्मराज की हत्या की साजिश रची थी। 24/25 मई की रात में कृष्णावती घटनास्थल से थोड़ी दूर पर स्थित बाग में खड़ी थी। कृष्णावती के बेटे अरविंद, उसके दोस्त दोस्त थाना के बेलगरा बनघुसरा निवासी आलोक तिवारी व ककोली निवासी आदर्श सिंह के साथ मिलकर धारदार हथियार से कर्मराज की हत्या कर दी। पुलिस ने कृष्णावती और आलोक तिवारी को गिरफ्तार किया है।
आलोक के खिलाफ पहले से शहर के कैंट व तारुन थाने में केस दर्ज हैं। वहीं दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। इस दौरान एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी, एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी, थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कृष्णावती के सिर पर खून सवार था। जमीन के प्रतिशोध में वह इस कदर जल रही थी कि अपने बेटे से बोली थी कि इस तरह से मारो कि कोई कर्मराज का चेहरा न पहचान सके। शायद इसी वजह से आरोपियों ने धारदार हथियार से कर्मराज के चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए थे।