बीकापुर। भगवान राम के वन गमन स्थलों से संबंधित करीब एक दर्जन पौराणिक धार्मिक स्थल बीकापुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित हैं। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर यहां भी धार्मिक हलचल शुरू हो गई है। भजन-कीर्तन, अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, सामूहिक भंडारे की योजना बन रही है।
भगवान श्रीराम की यात्रा से संबंधित कई धार्मिक स्थल तहसील क्षेत्र में तमसा और विसुही नदी के पास स्थित हैं। कुछ अयोध्या की प्रसिद्ध 84 कोसी परिक्रमा की परिधि में आते हैं। कई स्थलों पर एडवर्ड के प्राचीन माइलस्टोन भी स्थापित हैं, जो इसके धार्मिक महत्व को दर्शाते हैं। श्रीराम पर शोध करने वाले डॉ. राम अवतार शर्मा ने इन्हें रामायणकालीन मान्यता का बताया है। यहां रामचरण चिह्न की स्थापना भी कराई गई है। कई जगहों पर भगवान राम की यात्राओं और वन गमन से संबंधित मानचित्र भी स्थापित किए गए हैं। क्षेत्र के सुरेश चंद्र पांडेय, अरस दुबे, पंडित बिंदेश्वरी प्रसाद पांडे, जिला पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र निषाद, मनोज तिवारी ने बताया कि ये धार्मिक स्थल प्राचीन धरोहर हैं। इन्हें सहजने और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल होनी चाहिए।
यहां पर हैं धार्मिक स्थल
बीकापुर तहसील क्षेत्र के गौराघाट तमसातट, चकिया पुरवा, कमरिहा बाबा स्थल तारडीह, सूर्यकुंड रामपुरभगन, तोरोमाफी स्थित सीताकुंड, रामकुंड, सुग्रीव कुंड और दुग्धेश्वर कुंड, उमरनी पिपरी में स्थित हनुमान कुंड व विभीषण कुंड, कवरजा माता देवीस्थल मऊ भैरोपुर टिकरा, खंडेश्वरी सागर चौरे चंदौली, रामकुंड पुहंपी बीकापुर में यह धार्मिक स्थल मौजूद हैं। इनमें कई का उल्लेख श्रीरामचरितमानस और अन्य धार्मिक ग्रंथों में मिलता है।