अयोध्या। थायराइड जांच के लिए आवश्यक रीजेंट्स (रसायन) की खरीद समय पर नहीं हो सकी। ऐसे में शुक्रवार को एक बार फिर थायराइड समेत हार्मोन की अन्य जांचें बंद हो गईं। जांचों के लिए दूरदराज से आए मरीजों को लौटना पड़ा तो उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की। बार-बार जांच ठप होने से अब लोग अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन दो-तीन दिन में रीजेंट्स उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है।
जिला अस्पताल के आरडीसी में हार्मोनल एनेलाइजर मशीन से थायराइड व हार्मोन की अन्य जांचें होती हैं। जिला अस्पताल के अलावा महिला अस्पताल में भी आने वाली लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं को थायराइड जांच करानी पड़ती है। 60-70 मरीज यहां पहुंचते हैं, लेकिन आए दिन यहां जांच सेवा बाधित रहती है। पिछले एक साल में यहां 10-12 बार जांच ठप हो चुकी है। हाल ही में मशीन लगभग 15 दिन खराब रही।
अब अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से एक बार फिर जांच ठप हो गई है। शुक्रवार को अमर उजाला ने आरडीसी का जायजा लिया तो रीजेंट्स न होने की जानकारी मिली। पता चला कि जिम्मेदारों ने रीजेंट्स के स्टॉक पर ध्यान ही नहीं दिया। समय रहते इसकी खरीद नहीं की। जबकि, बजट की कोई कमी नहीं थी।
कहीं जान-बूझकर तो नहीं हो रहा खेल
-निजी केंद्रों पर थायराइड व हार्मोन की जांचेंं 350 से 2500 तक में होती हैं। इनमें सलाह देने वाले डॉक्टरों का भी 15-20 प्रतिशत कमीशन होता है। ऐसे में बार-बार जांच ठप होने के पीछे बड़े खेल की आशंका है।
रोज का यही हाल, यहां तो आना ही बेकार
शाहनेवाजपुर निवासी दीपशिखा मिश्रा (35) ने बताया कि दो माह में दो बार जांच कराने आए, लेकिन हर बार जांच नहीं हो सकी। यहां आना ही बेकार है। साहबगंज निवासी सोनी जायसवाल (28) ने बताया कि रोज किसी न किसी बहाने से यहां परेशान किया जाता है। बीकापुर के भावापुर निवासी शोभावती (43) ने बताया कि गले में दर्द होने के कारण डॉक्टर ने जांच लिखी थी। यहां तक आने का किराया-भाड़ा भी बेकार हो गया।
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रीजेंट्स खत्म हो गए हैं। खरीद के लिए प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही आपूर्ति होगी और तीन-चार के दिन भीतर ही जांच शुरू हो जाएगी। -डॉ. अरुण प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल