परेड के दौरान मुख्यअतिथि को सलामी देते रिक्रूट आरक्षी।
अयोध्या। पुलिस लाइंस ग्राउंड में रिक्रूट आरक्षियों की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। इस अवसर पर आरक्षियों और उनके परिजनों ने अपने अनुभव साझा किए। कई आरक्षियों ने राम की जन्मभूमि अयोध्या को अपनी कर्मभूमि बनाने पर खुशी व्यक्त की। वहीं, परिवारीजन अपने संघर्ष और बच्चे की पढ़ाई से वर्दी तक के सफर को बताते हुए भावुक हो गए।
कानपुर निवासी अमित कुमार ने बताया कि उनके पिता किसान और मां गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया, जिन्होंने उन्हें प्राइमरी स्कूल से पढ़ाया। अमित ने कहा कि राम की जन्मभूमि से लेकर कर्मभूमि तक का सफर बहुत अच्छा रहा। कैसे कार्य करना है यह ट्रेनिंग में सीखने को मिला। कन्नौज के अंशु यादव ने अपने माता-पिता और मार्गदर्शकों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि नौ महीने की ट्रेनिंग में जनता से बात करने और सहयोग भावना से कार्य करने का प्रशिक्षण मिला। अंशु ने कहा कि भगवान श्रीराम से प्रार्थना है कि उनकी जन्मभूमि को उन्होंने मेरे कर्मभूमि का सौभाग्य दिया यह मेरे लिए बड़ी बात है। परवेज आलम ने अपनी ट्रेनिंग खत्म होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि शहर में एक साल की तैयारी के बाद उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ। उनके पिता दुबई में रहते हैं और छोटी बहन पढ़ाई कर रही है।
परिजनों की भावनाएं
कन्नौज की उमा देवी ने अपने बेटे की वर्दी देखकर भावुकता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बेटे को पढ़ाने में उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उमा देवी ने कहा कि अब उन्हें लग रहा है कि उनकी सभी परेशानियां सार्थक हो गई हैं। उन्होंने भगवान का धन्यवाद किया और बताया कि उनकी एक बेटी पहले से ही पुलिस में कार्यरत हैं।