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रामपथ : जहां है, वहां भी नहीं कर रहे पार्किंग का उपयोग

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अयोध्या। रामपथ पर जहां पार्किंग स्थल हैं, उनका भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। ऐसे में फुटपाथ के साथ आधी सड़क तक वाहनों को खड़ा किए जाने से पैदल और वाहन चालकों के आवागमन की दुश्वारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालात ये हैं कि सहादतगंज से बेनीगंज के बीच बने दो पार्किंग भवनों का पर्याप्त संख्या में वाहनों के आने का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा है।
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सहादतगंज से उदया चौराहे तक अयोध्या कैंट क्षेत्र के रामपथ पर इन दिनों बुरा हाल है। दोनों लेन में फुटपाथ से लेकर आधी सड़क तक दो और चार पहिया वाहन खड़े किए जा रहे हैं। ठेले-खोमचे वालों के साथ स्थायी दुकानदार भी फुटपाथ पर अतिक्रमण किए हुए हैं। इस समस्या का थोड़ा समाधान तभी संभव है, जब वाहनों की पार्किंग तय स्थान पर की जाए। अतिक्रमण से मुक्ति की बात करें तो उसके लिए नगर निगम के अभियान का इंतजार करना होगा।

दो और चार पहिया वाहनों को पार्किंग स्थल पर खड़ा करने के लिए तो नागरिकों को खुद ही जागरूक होना पड़ेगा। पहले बात करते हैं कि कलेक्ट्रेट के पास स्थित लक्ष्मण कुंज बहुमंजिला पार्किंग भवन की। इसमें 282 चार पहिया वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। इसी तरह 2500 दो पहिया वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। जबकि असलियत में यहां पर क्षमता की तुलना में गिनती के ही वाहन खड़े किए जा रहे हैं। कलेक्ट्रेट और कचहरी के आसपास ज्यादातर वाहन सड़क पर ही खड़े किए जा रहे हैं।
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इस बारे में लक्ष्मण कुंज पार्किंग के प्रबंधक उपकार सिंह बताते हैं कि इस समय 20 से 22 चार पहिया और 250 के करीब दो पहिया वाहन यहां पर खड़े किए जा रहे हैं। इसमें भी ज्यादातर वकीलों के होते हैं। पब्लिक के वाहनों की संख्या गिनती की होती है। चार पहिया वाहनों के लिए 250 और दो पहिया के लिए 100 रुपये प्रति माह किराया होने के बावजूद सभी अधिवक्ता भी पार्किंग का उपयोग नहीं करते हैं। ज्यादातर वाहन रामपथ पर ही खड़े किए जाते हैं। यही स्थिति अमानीगंज में त्रिवेणी सदन की है। यहां पर रोजाना सिर्फ चार से पांच चार पहिया वाहन ही खड़े किए जाते हैं।
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