अयोध्या। ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के शामिल होने से रामनगरी सुरक्षा के कड़े पहरे में रही। एसपीजी कमांडो ने कार्यक्रम स्थल पर अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाया था। परिसर में कोने-कोने पर सुरक्षाकर्मी आधुनिक असलहों से लैस होकर मुस्तैद रहे।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पिछले करीब एक माह से सुरक्षा व्यवस्था का होमवर्क किया जा रहा था। पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय स्थापित करके सुरक्षा का मजबूत खाका तैयार किया था, जिसे तीन दिन पहले आई एसपीजी ने अंतिम रूप दिया। एसपीजी के नेतृत्व में राम मंदिर समेत पीएम के संपूर्ण कार्यक्रम स्थल पर पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था।
कई आधुनिक असलहों के साथ कमांडो मुस्तैद रहे। सुरक्षा में तकनीक का भी खूब इस्तेमाल हुआ। कार्यक्रम स्थल से लेकर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां खाक छानती रहीं। साकेत महाविद्यालय से राम मंदिर को आठ जोन में बांटा गया था। रामपथ के दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी। हर 10 मीटर पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात थे। रामपथ के दोनों तरफ स्थित मकानों पर असलहाधारी जवान हर गतिविधि पर नजरें गड़ाए रहे।
कंट्रोल रूम से सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिये एक टीम निगरानी करती रही। किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल संबंधित पॉइंट अलर्ट किया गया। उच्चाधिकारी भी वॉयरलेस सिस्टम व अन्य तकनीकियों से हर गतिविधि की निगरानी करते रहे। आयोजन से पूर्व कई चरणों में सुरक्षा व्यवस्था कर पूर्वाभ्यास किया गया। सकुशल आयोजन संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि आयोजन चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशन और पूरी टीम की मेहनत व ड्यूटी के प्रति तत्परता से सहजतापूर्वक महत्वपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
91-परिक्रमा करते पीएम नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ।-संवाद- फोटो : प्रतीकात्मक
91-परिक्रमा करते पीएम नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ।-संवाद- फोटो : प्रतीकात्मक