अयोध्या। रामनगरी के दीपोत्सव में इस बार अंतरराष्ट्रीय रामलीला की छटा देखने को मिल सकती है। संस्कृति विभाग ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) को पत्र लिखकर विदेशों में मंचित होने वाली रामलीलाओं को अयोध्या आमंत्रित करने का अनुरोध किया है। इसके बाद आईसीसीआर ने कई देशों को पत्र लिखकर रामलीला मंडलियों की सहभागिता के संबंध में संपर्क साधा है। छह देशों की रामलीला मंडलियों को अयोध्या बुलाने की तैयारी है।
जिन देशों से संपर्क किए जाने की जानकारी है, उनमें अमेरिका, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं। इन देशों में रामकथा की अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं और मंचन शैलियों के जरिये भगवान राम के आदर्शों को प्रस्तुत किया जाता है। ऐसे में विदेशी रामलीला मंडलियों की भागीदारी से दीपोत्सव के सांस्कृतिक आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारी है। कुछ देश रामलीला का मंचन करेंगे तो कुछ देश अपनी संस्कृति के अनुसार रामकथा का प्रदर्शन करेंगे। जिन देशों के नाम पर सहमति बनने की उम्मीद है उनमें त्रिनिदाद एवं टोबैगो, रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया और श्रीलंका शामिल हैं। पांच देशों के करीब 100 विदेशी कलाकार दीपोत्सव में रामकथा का मंचन करने पहुंचेंगे।
दीपोत्सव में कई देशों के राजदूत भी होंगे मेहमान
इस बार दीपोत्सव में कई देशों के राजदूतों को भी आमंत्रण करने की योजना बन रही है। इसके अलावा भारत के विभिन्न राज्यों से भी अतिथियों को बुलाने की योजना है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य रूप से मौजूद रहेंगी। इसके अलावा केंद्र सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, अयोध्या के प्रभारी मंत्रियों सहित प्रदेश सरकार की कैबिनेट भी समारोह में मौजूद रहेगी। सीता-राम के स्वरूपों के चयन की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।