58- राम मंदिर में सोमवार को सजा रामलला का विग्रह- ट्रस्ट
अयोध्या। राम मंदिर में विराजमान रामलला की दिनचर्या में बदलाव की तैयारी है। बाल स्वरूप की मान्यता के अनुरूप अब रामलला को दोपहर में करीब एक घंटे विश्राम देने की व्यवस्था की जाएगी। दोपहर 12 बजे भोग लगाने के बाद एक से दो बजे तक विश्राम का समय निर्धारित करने पर सहमति बनी है।
राम मंदिर की धार्मिक समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरि ने भी इस पर सहमति जताई। नई व्यवस्था कब से लागू होगी, इसका निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ जितेंद्र मिश्र करेंगे।
धार्मिक समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को हुई बैठक में रामलला की दिनचर्या और विश्राम के समय का मुद्दा उठाया था। चर्चा के दौरान कहा गया कि रामलला को सुबह करीब चार बजे जगा दिया जाता है। वहीं, पर्वों और मेलों के दौरान दर्शनार्थियों की भीड़ के चलते दोपहर के भोग के बाद उन्हें महज 10 से 15 मिनट ही विश्राम मिल पाता है। ऐसे में बाल स्वरूप की धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखते हुए दोपहर में पर्याप्त विश्राम का समय निर्धारित करना जरूरी है। इसी के बाद दोपहर में एक घंटे के विश्राम की व्यवस्था पर सहमति बनी। वहीं, रामलला के रात्रि विश्राम का समय भी निर्धारित किया गया है। रात 10 बजे गर्भगृह का दरवाजा बंद होने के बाद रामलला को करीब छह घंटे विश्राम का समय मिल सकेगा।
राम मंदिर परिसर में बनेगी पांच गायों की गोशाला
रामलला की सेवा और भोग व्यवस्था को लेकर बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय पर भी चर्चा हुई। राम मंदिर परिसर में पांच गायों की छोटी गोशाला स्थापित करने की योजना है। इसमें गिर नस्ल की गायें पाली जाएंगी। इसका उद्देश्य रामलला के भोग के लिए शुद्ध दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। गोशाला शुरू होने के बाद गायों के दूध से तैयार खीर का भोग लगाने की योजना है। गोशाला स्थापित होने तक परिसर के बाहर से शुद्ध दूध की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी सीईओ जितेंद्र मिश्र को सौंपी गई है।