अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि का आशीर्वाद अब सीमाओं से परे जाकर दुनिया तक पहुंच रहा है। पांच सितंबर को अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे रामलला के दर्शन करने वाले पहले विदेशी प्रधानमंत्री बनेंगे। उनके आगमन को लेकर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था व स्वागत की भव्य तैयारियां की जा रही हैँ। रामलला के दर्शन से भारत और भूटान के रिश्तों को नई ऊंचाई मिलेगी। यह दौरा अयोध्या के वैश्विक महत्व और भारत-भूटान संबंधों का प्रतीक बनेगा।
राम मंदिर में विदेशी नेताओं और राजनयिकों का लगातार आना इस बात का प्रमाण है कि अयोध्या अब केवल भारत की आस्था का केंद्र नहीं रहा। यह विश्व आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक मॉरीशस के राष्ट्रपति, इजराइल और थाईलैंड के राजदूत रामलला के दर्शन कर चुके हैं, लेकिन किसी देश का प्रधानमंत्री पहली बार अयोध्या आ रहा है।
कुछ ही महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के मालिक एलन मस्क के पिता भी अयोध्या आए थे। भूटान के प्रधानमंत्री की अयोध्या यात्रा के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत-भूटान के रिश्तों में नई ऊंचाई जोड़ने वाला कूटनीतिक क्षण भी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलेगी और भारत की सांस्कृतिक नेतृत्व क्षमता और सुदृढ़ होगी।
भूटान, भारत का पड़ोसी और हिमालयी क्षेत्र का रणनीतिक साझेदार है। हिमालयी क्षेत्र में चीन की बढ़़ती सक्रियता के बीच यह यात्रा संकेत देती है कि भूटान अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों के साथ भारत के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा इस संदेश को भी मजबूत करेगा कि भूटान और भारत के रिश्ते न केवल राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर गहरे हैं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव से भी अभेद्य हैं। अयोध्या की यात्रा से यह संकेत भी जाएगा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर अब उसकी सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
- मंंदिर परिसर में उनके भव्य अभिनंदन की तैयारी हो रही है। स्वागत में राम मंदिर में रेड कारपेट बिछेगी। वह मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों को भी देखेंगे। इस बीच श्रद्धालुओं को कम से कम दिक्कत हो, इसके तहत सुरक्षा व्यवस्था का प्लान बनाया जा रहा है। एक प्रजेंटेशन के माध्यम से उन्हें मंदिर निर्माण की यात्रा से रु-ब-रु कराया जाएगा। शुरुआत से लेकर अब तक हुए मंदिर निर्माण कार्यों की जानकारी दी जाएगी।