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Ayodhya News: श्रीराम यंत्र से शुरू होगा राम मंदिर का नया आध्यात्मिक अध्याय

Wed, 18 Mar 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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सतीश पाठक
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अयोध्या। राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक नए आध्यात्मिक युग की शुरुआत है। इस अनुष्ठान के साथ राम मंदिर की आस्था अब एक सशक्त ऊर्जा केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी। इसमें भी राष्ट्रपति की मौजूदगी ने आयोजन का राष्ट्रीय महत्व भी बढ़ाया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को राम मंदिर के दूसरे तल पर बृहस्पतिवार को श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। लगभग 150 किलोग्राम के स्वणमंडित इस यंत्र की स्थापना के लिए पिछले कई दिनों से विभिन्न धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। उधर, यंत्र की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं, संत-महंतों और धर्माचार्यों में विशेष उत्साह है। वैदिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पवित्र स्थल पर यंत्र की स्थापना उस स्थान की ऊर्जा को संतुलित और सशक्त बनाती है। इसी वजह से इस धार्मिक अनुष्ठान को राम मंदिर के उत्तरोत्तर विकास का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
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धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार श्रीराम यंत्र भगवान श्रीराम की मर्यादा, धर्म और शक्ति का प्रतीक है। इसकी स्थापना से मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन की अनुभूति होगी। यह श्रद्धालुओं के मन-मस्तिष्क पर एक अलग तरह का प्रभाव डालेगा।
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आस्था के साथ ऊर्जा का केंद्र बनेगा राम मंदिर
अब तक देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए राम मंदिर आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद इसे आध्यात्मिक ऊर्जा के विशेष केंद्र के रूप में भी देखा जाएगा। माना जाता है कि यंत्र दिव्य शक्तियों को आकर्षित कर वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाते हैं। यंत्र स्थापना की परंपरा प्राचीन वैदिक और तांत्रिक विधाओं से जुड़ी है। इसमें विशेष ज्यामितीय संरचना वाले यंत्र को मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाता है।
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