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राम मंदिर विवाद: कोषाध्यक्ष बोले- चंपत राय इस्तीफा देने के बाद आक्रोशित नहीं, वो ट्रस्ट के साथ

Thu, 09 Jul 2026 01:16 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने अयोध्या में चंपत राय से मुलाकात को लेकर लग रही अटकलों पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि  मुलाकात के दौरान चंपत राय के स्वास्थ्य, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, राम मंदिर की व्यवस्थाओं तथा हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने अयोध्या से रवाना होने से पहले ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि चंपत राय का स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक है और उनके मन में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है।

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गोविंद देवगिरी ने कहा कि मुलाकात के दौरान चंपत राय के स्वास्थ्य, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, राम मंदिर की व्यवस्थाओं तथा हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि चंपत राय ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे नए निर्णयों और व्यवस्थाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

कोषाध्यक्ष ने कहा कि चंपत राय जीवनभर भारत माता की सेवा के लिए समर्पित रहे हैं और एक अनुशासित संगठन कार्यकर्ता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, उनमें चंपत राय का पूरा सहयोग और समर्थन है। गोविंद देवगिरी के इस बयान को हाल के विवादों के बीच चंपत राय के रुख को लेकर आई अटकलों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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नकद रुपए देकर परिचितों से खाते में धनराशि लेते थे चढ़ावा चोरी क्या आरोपी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की रकम को छिपाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिससे किसी को आसानी से शक न हो। पूछताछ में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने बताया कि चोरी की रकम पहले अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद वही पैसा अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खातों में वापस मंगाया जाता था, ताकि रकम का असली स्रोत छिपा रहे।

पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की जांच में इस पैटर्न के संकेत मिले हैं।रिमांड के दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उस बाग में भी लेकर गई, जहां कथित तौर पर चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। पुलिस ने मौके पर ले जाकर आरोपियों के बयानों का सत्यापन कराया और पहले गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के बयान से भी मिलान किया।
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