सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट का वाहन किसी भी कार्य से बाहर निकलने पर लॉगबुक में एंट्री करना जरूरी होता है। शायद इसीलिए चढ़ावा चोरी की रिकवरी कराने के लिए ट्रस्ट के लोग आरोपियों के घर व उनके बताए ठिकानों पर जाते समय ट्रस्ट के वाहन का प्रयोग नहीं किया। वह लोग निजी वाहनों से ही आरोपियों के घर गए। इससे बाहरी लोगों को रिकवरी कराने वालों की भनक भी नहीं लगी।