राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की चार्जशीट ने एक अहम कड़ी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। चढ़ावे की गणना से लेकर रकम के बैंक में जमा होने तक बैंक कर्मचारियों की भूमिका तय थी। पहली एसआईटी की जांच में भी गणना व्यवस्था और बैंक अधिकारियों की जिम्मेदारियों से जुड़ी खामियां सामने आई थीं। बाद में दो बैंक कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में आने की बात सामने आई। इसके बावजूद चार्जशीट में उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया।
पहली एसआईटी ने उठाए थे सवाल : प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि चढ़ावे की गणना के लिए लगाए गए कर्मचारियों के साथ बैंक अधिकारियों की ड्यूटी भी रोटेशन के आधार पर लगाई जानी थी। गणना कर्मियों को निर्धारित वर्दी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी बैंक अधिकारियों से जुड़ी बताई गई थी, लेकिन निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं हुआ। सवाल है कि जब बैंक अधिकारियों की निगरानी और व्यवस्था में भूमिका तय थी, तो प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जवाबदेही किस स्तर पर तय की गई?
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दो बैंककर्मी जांच के दायरे में थे, फिर क्लीनचीट कैसे : जांच में बैंक कर्मचारियों से पूछताछ हुई थी। दो बैंक कर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में होने की जानकारी भी सामने आई थी। अब सवाल है कि पुलिस ने उनके बयानों की जांच किन दस्तावेजों के आधार पर की? क्या उनके बयान गणना रजिस्टर और बैंक रिकॉर्ड से मिलाए गए? क्या सीसीटीवी फुटेज से उनकी गतिविधियों का सत्यापन हुआ? यदि जांच में कोई विसंगति मिली तो उसका निष्कर्ष क्या रहा? और यदि उनकी भूमिका में आपराधिक संलिप्तता नहीं मिली, तो चार्जशीट में उस निष्कर्ष का आधार क्या है?
बैंक की विभागीय जांच भी सवालों के घेरे में : जुलाई में सामने आई जानकारी के मुताबिक बैंक ने भी अपने स्तर पर विभागीय जांच शुरू की थी और कई कर्मचारी उसके दायरे में बताए गए थे। अब यह जानना महत्वपूर्ण है कि विभागीय जांच में क्या सामने आया और क्या उसके निष्कर्ष पुलिस की जांच का हिस्सा बने। यदि दोनों जांचों में अलग-अलग तथ्य सामने आए, तो पुलिस ने उनमें सामंजस्य कैसे स्थापित किया?
नई एसआईटी के सामने असली कसौटी : नई एसआईटी की जांच अब इस पूरे घटनाक्रम की उन कड़ियों को जोड़ने की कसौटी पर होगी, जो अब तक सवालों के घेरे में हैं। गणना किसने की? निगरानी किसकी थी? रकम का सत्यापन किसने किया? बैंक तक पहुंचने तक जिम्मेदारी किसकी थी? जमा किसने सत्यापित किया? और जिस व्यवस्था में बैंक अधिकारियों की भूमिका पहले से तय थी, उस भूमिका की जवाबदेही कहां तय हुई? यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि ट्रस्ट के शीर्ष पदों पर रहे लोगों की भूमिका और जिम्मेदारियों की जांच किस स्तर तक हुई।