रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को अब आधिकारिक मान्यता मिल गई है। राम मंदिर में तैयार होने वाले भोग प्रसाद को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ‘भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है। शनिवार को अयोध्या पहुंचे एफएसएसएआई के सीईओ राजित पुनहानी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास और ट्रस्टी कृष्ण मोहन को प्रमाणपत्र सौंपा।
‘भोग’ का पूरा नाम ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड है। यह एफएसएसएआई की एक पहल है, जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर भगवान को अर्पित किए जाने वाले और श्रद्धालुओं को वितरित होने वाले प्रसाद की स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह पहल केंद्र सरकार के ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान का हिस्सा है। इस प्रमाणन के तहत धार्मिक स्थलों में प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था, खाद्य सामग्री के रखरखाव, पानी की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और कर्मचारियों की साफ-सफाई जैसे मानकों पर ध्यान दिया जाता है।
राम मंदिर से पहले रामनगरी के पांच अन्य धर्मस्थलों को ‘भोग’ प्रमाणपत्र मिल चुका है। इनमें हनुमानगढ़ी अयोध्याधाम, हनुमानगढ़ी देवकाली, रायगंज स्थित जैन मंदिर, गुरुद्वारा नजरबाग और कनक भवन सहित अन्य धर्मस्थल शामिल हैं। राम मंदिर को प्रमाणपत्र मिलने के बाद अब अयोध्या में ऐसे धर्मस्थलों की संख्या छह हो गई है।