राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अधिकारी ने तीन आरोपियों की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है। जांच में नए तथ्यों के सत्यापन, बयान दर्ज करने, बरामदगी और कथित गबन से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी व गबन के मामले में विवेचक आशुतोष तिवारी ने तीन आरोपियों की सात दिन के लिए रिमांड की मांग की है। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में उन्होंने आरोपी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा व करुणेश पांडेय को पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) में देने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।
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विशेष अभियोजन अधिकारी ने रिमांड प्रार्थना पत्र के बिंदुओं पर अदालत को बताया कि जेल में निरुद्ध आरोपियों ने विवेचक को बयान दिए हैं, जिनमें नए तथ्य आए हैं। इनकी सत्यता की जांच के लिए आरोपियों को पुलिस कस्टडी में सात दिन का रिमांड दिया जाना आवश्यक है।
वहीं, आरोपियों की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल डिप्टी चीफ ने कहा कि आज ही वह आरोपियों की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त हुए हैं। इस पर अदालत ने रिमांड प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख नियत की है।
शनिवार को मांगी थी बयान दर्ज करने की अनुमति
चढ़ावा चोरी मामले में विशेष अभियोजन अधिकारी के माध्यम से विवेचक ने जेल में निरुद्ध पांच आरोपियों से उनका बयान दर्ज करने के लिए शनिवार को अनुमति मांगी थी। इस पर कोर्ट ने जेल में जाकर बयान लेने के लिए अनुमति दी थी। दो जुलाई को विवेचक ने आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने केवल 13 घंटे के लिए ही अनुमति दी थी। उस दौरान अविनाश के कब्जे से एक कार व कई आभूषण बरामद हुए थे। उसकी निशानदेही पर चढ़ावा चोरी की रकम के बंटवारे का स्थान भी चिह्नित किया गया था। सभी आरोपी 26 जून से जिला कारागार में निरुद्ध हैं।