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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एक विवेचक, कई टीमें, ऐसे खुल रहीं चोरी की परतें; चुनकर लाए गए जांच विशेषज्ञ

Tue, 14 Jul 2026 09:37 PM IST
Akash Dwivedi सतीश पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

सूत्रों के अनुसार जांच से जुड़ी सभी टीमें लगभग रोज अपनी प्रगति रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के समक्ष रखती हैं। समीक्षा बैठकों में हर एंगल पर हुई प्रगति का आकलन किया जाता है। 
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राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब एक ही विवेचक तक सीमित नहीं रह गई है। इसकी विवेचना भले ही सीओ आशुतोष तिवारी के पास हो, लेकिन पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए जिले के अलग-अलग थानों से विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों की कई टीमें बनाई गई हैं।

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राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावा चोरी के मामले में बीते 26 जून को रामजन्मभूमि थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। हाई प्रोफाइल हो चुके इस मामले की विवेचना सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी कर रहे हैं। लेकिन बेहद संवेदनशील व अंतरराष्ट्रीय बन चुके इस मुद्दे की जांच में पुलिस किसी भी स्तर पर नाममात्र खामी भी नहीं छोड़ना चाह रही। इसलिए एसएसपी ने विशेषज्ञों की ऐसी गोपनीय फौज तैयार की है, जो हर पहलू पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ निरीक्षकों और विवेचकों को आरोपियों, उनके रिश्तेदारों और करीबियों की चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन करने का जिम्मा दिया गया है। जांच की यह कड़ी इस बात पर केंद्रित है कि कहीं चोरी की रकम को रिश्तेदारों या परिचितों के जरिये जमीन, मकान या अन्य संपत्तियों में निवेश तो नहीं किया गया। इसके लिए राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेज का भी मिलान कराया जा रहा है।
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एक अलग टीम आरोपियों के नेटवर्क और उनके संपर्कों की पड़ताल में जुटी है। यह देखा जा रहा है कि पूरे प्रकरण में किन-किन लोगों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भूमिका निभाई और चोरी की रकम के लेनदेन या अन्य गतिविधियों में कौन-कौन शामिल रहा। तकनीकी इनपुट और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच का बैंकिंग एंगल भी समानांतर रूप से खंगाला जा रहा है। उच्च अधिकारियों की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया बेहद गोपनीय तरीके से संचालित की जा रही है।

 

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अलग-अलग रिपोर्टिंग अधिकारी को सौंपी जाती है रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों को बैंक खातों, लेनदेन, संदिग्ध ट्रांजेक्शन और वित्तीय गतिविधियों की जांच सौंपी गई है। तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेजी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं के लिए अलग-अलग रिपोर्टिंग अधिकारी नामित किए गए हैं, जो अपनी रिपोर्ट विवेचक को उपलब्ध करा रहे हैं। 

सूत्रों के अनुसार जांच से जुड़ी सभी टीमें लगभग रोज अपनी प्रगति रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के समक्ष रखती हैं। समीक्षा बैठकों में हर एंगल पर हुई प्रगति का आकलन किया जाता है और उसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाती है। माना जा रहा है कि बहुस्तरीय जांच की यही रणनीति आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित प्रकरण की कई और परतें खोल सकती है।
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