राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन भवन प्रकरण में उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा ने एडीए में दस्तावेज जमा किए। अब प्राधिकरण अभिलेखों की वैधता, मानचित्र और भूमि उपयोग की जांच करेगा। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन भवन से जुड़े प्रकरण में बुधवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं और भवन से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए। अब प्राधिकरण इन दस्तावेजों की जांच करेगा। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।एडीए सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष की ओर से भवन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं।
तीन जुलाई को पहला नोटिस जारी किया था
इनकी विधिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए 29 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है। प्राधिकरण ने बनबीरपुर (सहादतगंज) स्थित सुप्रिया मिश्रा के नाम निर्माणाधीन जी+1 भवन को लेकर तीन जुलाई को पहला नोटिस जारी किया था।
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जांच में भवन का मानचित्र स्वीकृत नहीं पाया गया था। निर्धारित अवधि में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं होने पर अंतिम नोटिस जारी किया गया। बाद में सुप्रिया मिश्रा ने अतिरिक्त समय का अनुरोध किया, जिस पर प्राधिकरण ने सात दिन की मोहलत दी थी।
सात दिन की अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को हुई सुनवाई में संबंधित पक्ष ने दस्तावेज प्रस्तुत किए। अब प्राधिकरण उनकी वैधता, मानचित्र, भूमि उपयोग और अन्य अभिलेखों का परीक्षण करेगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि निर्माण को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।