राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में तीन आरोपियों रमा शंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव और अविनाश शुक्ला की जमानत अर्जी सोमवार को अदालत ने खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया।
आरोपियों की जमानत अर्जी पांच सितंबर से विचाराधीन थी। यह चौथी सुनवाई पर निस्तारित हुई। विधिक सहायता रक्षा परिषद के उप प्रमुख कुलशेखर सिंह ने पांच सितंबर को अदालत में सभी आठों आरोपियों की जमानत अर्जी प्रस्तुत की थी। इसके बाद 11 सितंबर और 16 सितंबर को सुनवाई टल गई थी।
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जेल में बंद आठों आरोपियों की अब तक आठ बार न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाई जा चुकी है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत सुनियोजित ढंग से लगातार चोरी और गबन किया।
मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपियों को कई बार चोरी करते हुए देखा गया है। बचाव पक्ष के वकील विधिक सहायता रक्षा परिषद के उप प्रमुख कुलशेखर सिंह ने कहा कि पुलिस ने बरामद धनराशि स्पष्ट नहीं की है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि आरोपी लोक सेवक नहीं हैं, इसलिए भ्रष्टाचार का आरोप गलत है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी निरस्त कर दी। इस मामले में कुल आठ आरोपियों को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था।