फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम मंदिर: फिर बदली व्यवस्था, अब बिना जेब के कपड़े और खाली हाथ मिलेगा प्रवेश, मोबाइल-पर्स लेकर भी एंट्री बैन

Tue, 23 Jun 2026 08:35 PM IST
Akash Dwivedi नितिन मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

दान की राशि के गबन मामले के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब गणना कक्ष में बिना जेब वाले विशेष वस्त्र पहनकर ही प्रवेश मिलेगा। मोबाइल, पर्स और अन्य निजी सामान प्रतिबंधित हैं। कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है तथा पूरी गणना प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राम मंदिर की दानराशि में कथित गबन और चोरी के मामले सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान गणना और प्रबंधन व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब दान गणना कक्ष में प्रवेश करने वाले कर्मियों के लिए बिना जेब वाले विशेष वस्त्र पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

विज्ञापन


मोबाइल फोन, बैग, झोला, पर्स और अन्य निजी सामान लेकर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही प्रवेश और निकासी के समय कर्मियों की जांच भी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दानपात्रों से निकलने वाली नकदी की गणना के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या छह से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। 

विज्ञापन


गणना प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की जा रही है और कई स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि नई व्यवस्था के तहत गणना कक्ष में जाने वाले प्रत्येक कर्मचारी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। गणना से पहले और बाद में कर्मियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। 




 

विज्ञापन

इसलिए बदली गई व्यवस्था

मंदिर प्रशासन की ओर से किए गए ये बदलाव उस समय सामने आए हैं जब दानराशि में अनियमितताओं को लेकर एसआईटी जांच चल रही है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि गणना और पैकिंग प्रक्रिया के दौरान नकदी को अलग कर बाहर ले जाने की कोशिश की गई थी। 

मामले के खुलासे के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनसे करीब ढाई करोड़ की बरामदगी भी की गई। गबन की वास्तविक राशि और इसमें शामिल लोगों की संख्या की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें