राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को राम कचहरी में संत समाज ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। संतों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना न्याय और कानून दोनों के खिलाफ है।
संतों ने कहा कि यदि किसी के पास किसी भी प्रकार के ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय एसआईटी को सौंपना चाहिए। बिना प्रमाण किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाकर उसकी छवि धूमिल करना उचित नहीं है। महंत शशिकांत दास ने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी को अपराधी घोषित करना गलत है। पूरे मामले में केवल चंपत राय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि जांच अभी जारी है।
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संत सीताराम दास ने कहा कि यदि किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें एसआईटी को दें। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाकर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। बैठक में शामिल महंत चंद्राशु महाराज, महंत सत्येंद्र दास वेदांती सहित सभी संतों ने एक स्वर में निष्पक्ष और पारदर्शी एसआईटी जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती है तब तक किसी व्यक्ति की सार्वजनिक छवि खराब करने से बचना चाहिए।
अखिलेश इल्म बताते रहे, टिन्नू माल उड़ाते रहे: परमहंसाचार्य
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद, संघ और भाजपा इस मामले में निर्दाेष है और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई का समर्थन कर रही है। कहा कि राम मंदिर के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। चंपत राय को सच्चा सनातनी बताते हुए संत समाज से उन्हें समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल्स में पता चला है कि टिन्नू यादव ने अखिलेश यादव के कहने पर घपला किया। अखिलेश यादव इल्म बताते रहे, टिन्नू यादव माल उड़ाते रहे। दावा किया कि जिस दिन अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था, उस दिन तीन बार बातचीत हुई थी।