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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दिनभर उड़ती रही चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे की अफवाह, अटकलों का बाजार गर्म

Thu, 25 Jun 2026 07:23 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: आज दिनभर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे की अफवाह उड़ती रही। विहिप-ट्रस्ट की बैठक के बाद अटकलों का बाजार गर्म है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा और दान राशि प्रबंधन को लेकर चल रही एसआईटी जांच के बीच बृहस्पतिवार को पूरे दिन रामनगरी में एक और चर्चा जोरों पर रही। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे को लेकर अफवाह उड़ती रही। हालांकि देर शाम तक ट्रस्ट और न ही किसी संबंधित पक्ष की ओर से ऐसी किसी सूचना की आधिकारिक पुष्टि की गई।
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दरअसल, एसआईटी जांच के बीच विहिप और ट्रस्ट से जुड़े शीर्ष पदाधिकारियों की हुई बैठक ने अटकलों को और हवा दे दी। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र, विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे तथा केंद्रीय सह-संगठन महामंत्री विनायक राव समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। 

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बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन इसके बाद यह चर्चा फैल गई कि ट्रस्ट में बड़े बदलावों को लेकर मंथन चल रहा है। विभिन्न हलकों में दिनभर यही चर्चा होती रही कि एसआईटी जांच के दबाव और बढ़ते विवाद के बीच कुछ पदाधिकारी जिम्मेदारी छोड़ सकते हैं। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में भी कई तरह के संदेश प्रसारित होते रहे, लेकिन किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हो सकी।

लगने लगे तरह-तरह के कयास

सूत्रों का कहना है कि जांच और विवाद के कारण ट्रस्ट के कामकाज तथा भविष्य की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श जरूर हो रहा है, लेकिन फिलहाल इस्तीफे जैसी कोई औपचारिक स्थिति सामने नहीं आई है। सामान्य परिस्थितियों में विहिप और ट्रस्ट की बैठक को लेकर इतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन मौजूदा विवाद और एसआईटी जांच के कारण हर गतिविधि को विशेष नजर से देखा जा रहा है। यही कारण है कि बैठक के बाद पदाधिकारियों के भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगने लगे। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि किसी का इस्तीफा नहीं हुआ है, सब भ्रामक बातें हैं।
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