देहरादून शहर में क्लॉक टॉवर पर लेजर लाइट के माध्यम से भगवान राम की तस्वीरें पेश की जा रही हैं।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर यूपी एटीएस के कमांडो तैनात किये गये हैं।
रामलला के विग्रह को मंदिर में सुरक्षित उतार कर गर्भ गृह की चौखट पर पहुंचाया गया।
सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी ने अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह के नाम पर देश का ध्रुवीकरण करने का प्रयास का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए। यह पूरा काम धर्म पर आधारित है। ज्योति बसु की 15वीं पुण्य तिथि के मौके पर हुए एक कार्यक्रम में येचुरी ने यह बयान दिया।
अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले गोरखपुर चिड़ियाघर ने एक एलान किया है। गोरखपुर चिड़ियाघर ने कहा कि 'राम' नाम वाले आगंतुकों को उनके टिकटों पर 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। छूट का लाभ उठाने के लिए आगंतुकों को पहचान पत्र दिखाने होंगे।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के दूसरे दिन रामलला की चांदी की मूर्ति को राममंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया है। पहले रामलला की अचल मूर्ति को जन्मभूमि परिसर में भ्रमण कराने की योजना थी। सुरक्षा कारणों और मूर्ति का वजन अधिक होने की वजह से परिसर भ्रमण की रस्म रामलला की छोटी रजत प्रतिमा को लेकर पूरी कराई गई। इसी के साथ गर्भगृह में श्री रामयंत्र की स्थापना हुई। इस मौके पर मुख्य यचमान अनिल मिश्र मौजूद रहे। 10 किलो वजनी चांदी से बनी रामलला की प्रतिमा को मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्रा ने पालकी पर विराजमान कर मंदिर के अंदर व मंदिर के चारों तरफ भ्रमण कराया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोंच्चारों से गूंजता रहा। आचार्यों व मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियरों व सुरक्षा कर्मियों ने प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की।
श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मर्यादा पुरूषोत्तम हैं। उन्हें राजनीति से नहीं जोड़ा जा सकता। उनकी यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अधीर रंजन चौधरी को दिए गए निमंत्रण को अस्वीकार किया था। देश की सबसे पुरानी पार्टी ने 22 जनवरी के कार्यक्रम को भाजपा-आरएसएस कार्यक्रम करार दिया।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने देश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। इसे स्वीकार करते हुए 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, जिला न्यायालयों आदि में छुट्टी देने का अनुरोध किया है।
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में भगवान राम की मूर्ति को ट्रक के जरिए लाया गया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। गर्भगृह में पूजन शुरू हो गया है। मुख्य यजमान अनिल मिश्र और मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ तमाम आचार्य और विद्वान इस मौके पर मौजूद हैं।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्य जजमान की भूमिका निभा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिन पहले कठिन व्रत और संयम से गुजरना होगा। यम नियम के तहत पीएम बिस्तर की जगह लकड़ी की चौकी पर कंबल बिछा कर शयन करेंगे।
योगी सरकार राम भक्तों और पयर्टकों को हेलीकॉप्टर से अयोध्या धाम के दर्शन कराएगी। सरकार प्रदेश के छह जिलों से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत लखनऊ से करेंगे। सरकार की ओर से प्रदेश के छह जिलों से शुरू होने वाली हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता ऑपरेटर का चयन किया गया है, जो ऑपरेशनल मॉडल पर हेली सर्विसेस की सेवाएं प्रदान करेगा।
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कार्यक्रम चल रहे हैं। इसी कड़ी में आज सरयू घाट पर अयोध्या के स्थानीय महिलाओं ने भजन गाया।
22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन देश के सभी रेलवे स्टेशनों को लाइट और फूलों से सजाया जाएगा।
सोनभद्र से अयोध्या पहुंचे आदिवासी समाज के लोग सरयू घाट से कलश में जल लेकर मणीराम दास छावनी जा रहे हैं, जहां आदिवासी समाज द्वारा दी गई जड़ी-बूटियों से यज्ञ किया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रायल की ओर से अयोध्या में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एम्स गौरखपुर और एम्स रायबरेली के डॉक्टरों की टीम भेजी है।
भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने स्वच्छता अभियान के दौरान करोल बाग के शिव मंदिर परिसर में सफाई की।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और मुख्य यजमान अनिल मिश्रा ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले सरयू घाट पर पूजा की।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और पुजारी सुनील दास ने अयोध्या राम मंदिर के 'गर्भ गृह' में पूजा की।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने श्री राम मंदिर परिसर के आस-पास तैयारियों का निरीक्षण किया।
भव्य मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा में देश की नामचीन हस्तियों के साथ 54 देशों के 100 प्रतिनिधि भी खास मेहमान होंगे। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, मॉरिशस समेत कई यूरोपीय, अफ्रीकी व बौद्ध देशों के अतिथियों को आमंत्रित किया है। संघ परिवार और विहिप की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं के शीर्ष पदाधिकारी भी समारोह में शिरकत करने आएंगे। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के समन्वय से 22 जनवरी के भव्य आयोजन को इतिहास में दर्ज कराने की तैयारी की है।
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा, "यह क्षण उन लोगों के लिए अवर्णनीय है जिन्होंने इसका सपना देखा था, जिन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया था। न केवल व्यक्तियों ने बल्कि लोगों ने इसके लिए अपनी पीढ़ियों का बलिदान दिया है। मैं समझता हूं कि ये पीढ़ियों के त्याग और समर्पण का परिणाम है। ये भारत के गौरव की प्राण प्रतिष्ठा का क्षण है।''
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र हैं। यजमान के रूप में उन्होंने मंगलवार को प्रायश्चित पूजन में हिस्सा लिया। अब वे सात दिनों तक यजमान की ही भूमिका में रहेंगे। प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले कर्मकांडी ब्राह्मणों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राममंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, संघ प्रमुख मोहन भागवत और डॉ. अनिल मिश्र सपत्नीक मुख्य आयोजन के समय 22 जनवरी को उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी गर्भगृह में अपने हाथ से कुशा और श्लाका खींचेंगे। उसके बाद रामलला प्राण प्रतिष्ठित हो जाएंगे। इसके बाद पीएम मोदी भोग अर्पित करने के साथ ही आरती भी करेंगे।
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, "विपक्ष का काम बोलना ही है लेकिन उन्हें ये भी नहीं मालूम कि वे राम के खिलाफ बोलने के लिए तैयार हो गए हैं, भारतीय होने के नाते हमें इस पर गर्व होना चाहिए, इस पर राजनीति ना करें। अगर वे नहीं आ रहे हैं ते ये उनका नुकसान है हमारा नहीं।"
सांगली महाराष्ट्र के रंगोली कलाकार अभिषेक प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या में लता मंगेशकर चौक पर आकर्षक रंगोली पैटर्न बनाते नजर आए।
मूर्तिकार अरुण योगीराज की मां सरस्वती ने कहा, किसी ने भी भगवान राम को नहीं देखा था, लेकिन भगवान ने स्वयं उनके बेटे को पत्थर से एक आकृति बनाने की अंतर्दृष्टि दी थी। शायद भगवान ने ही उन्हें अपनी मूर्ति तराशने का आशीर्वाद दिया था।
मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई रामलला की मूर्ति गर्भगृह में स्थापना के लिए चुने जाने से योगीराज का परिवार बहुत खुश है। योगीराज की पत्नी विजेता ने बताया कि प्रभु राम की मूर्ति के बनाते समय एक नुकीला टुकड़ा उनकी (योगीराज) आंख में चुभ गया। हालांकि, ऑपरेशन के बाद उसे हटा दिया गया। दर्द के दौरान भी वह नहीं रुके और काम करते रहे। उनका काम इतना अच्छा था कि इसने सभी को प्रभावित किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कोलकाता और अयोध्या के बीच पहली उड़ान के लिए बोर्डिंग पास मिला।
यम नियम के मुताबिक पीएम प्राण प्रतिष्ठा से तीन दिन पहले सामान्य बिस्तर का त्याग कर देंगे। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन तक वह लकड़ी की चौकी पर कंबल बिछा कर सोएंगे। 11 दिनों के यम नियम में पीएम को हर दिन शास्त्रों के मुताबिक अलग-अलग कार्य करने होंगे। इसी नियम के तहत पीएम को अंतिम तीन दिन अन्न त्याग कर सिर्फ फलाहार पर निर्भर रहना होगा।
प्राण प्रतिष्ठा के लिए यम नियमों का पालन कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राममंदिर परिसर में बने जटायु की मूर्ति की पूजा करेंगे। इस मूर्ति की स्थापना विशेष रूप से मंदिर आंदोलन में अपना जीवन न्योछावर करने वाले बलिदानियों की स्मृति में की गई। पूजा के समय कारसेवा में शहीद हुए बलिदानियों के परिजन भी मौजूद रहेंगे। इसी दिन मोदी मंदिर निर्माण में जुटे मजदूरों के साथ संवाद भी करेंगे।
यम नियम के तहत पीएम मोदी शुक्रवार से ही व्रत और कई नियमों का पालन कर रहे हैं। 12 जनवरी से एक समय के उपवास पर हैं। प्राण प्रतिष्ठा से तीन दिन पहले उनका व्रत व संयम और कठिन हो जाएगा। विहिप सूत्रों के मुताबिक यम नियम और पूजा पद्धति के मुताबिक पीएम 19 से 21 जनवरी तक पूर्ण रूप से फलाहार पर निर्भर रहेंगे। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन उन्हें पूर्ण उपवास करना होगा। इस दौरान शास्त्रों के नियमों के मुताबिक वे चुनिंदा मंत्रों का जाप करेंगे।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्र 11 दिनों तक नियम-संयम का पालन करेंगे। वे दस दिनों तक सिला हुआ सूती वस्त्र नहीं पहनेंगे। स्वेटर, ऊनी शॉल, कंबल धारण कर सकेंगे। केवल फलाहार करेंगे। रात्रि आरती के बाद सात्विक भोजन, सेंधा नमक का इस्तेमाल करेंगे। जमीन पर कुश के आसन पर सोएंगे। अन्य कई कठोर नियमों का उन्हें पालन करना होगा। उन्होंने यह नियम-संयम मकर संक्रांति से शुरू भी कर दिया है।