अयोध्या। दीपोत्सव की दिव्य आभा में शनिवार को श्रीरामजन्मभूमि मंदिर परिसर भक्ति और आस्था के प्रकाश से जगमगा उठा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रामलला विराजमान की एक साथ आरती उतारी। इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। आरती के बाद उपराष्ट्रपति और राज्यपाल ने मंदिर प्रांगण में दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव की छटा को और दिव्य बना दिया। देर शाम तक पूरा रामजन्मभूमि परिसर करीब एक लाख दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने उपराष्ट्रपति और राज्यपाल का स्वागत किया। यात्री सुविधा केंद्र, पीएफसी प्लाजा, नल टीला, श्रीरामजन्मभूमि पथ, बैगेज स्कैनर क्षेत्र, कैनोपी, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका क्षेत्र दीपों से जगमगाते रहे।
मंदिर प्रांगण के साथ ग्रीन हाउस, परकोटा, यज्ञशाला, कुबेर टीला, सप्तमंडप, शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक, पंचवटी, सीता रसोई और अंगद टीला तक दीपों की रोशनी फैल गई। इस अवसर पर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी कमलनयन दास, आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण, स्वामी राजकुमार दास और न्यासी महंत दिनेंद्र दास सहित न्यासी कृष्ण मोहन और मदन मोहन पांडेय उपस्थित रहे।
ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक डॉक्टर सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) और सचिव जगदीश आफले ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं। मंदिर परिसर में दीपोत्सव की तैयारियां दोपहर से ही शुरू हो गई थीं। निर्धारित स्थानों पर दीप रखने का कार्य शाम चार बजे तक पूरा कर लिया गया। उपराष्ट्रपति और राज्यपाल के दीप प्रज्ज्वलन के बाद करीब तीन हजार श्रद्धालुओं ने भी परिसर के अलग-अलग हिस्सों में दीप जलाए। रंगोलियों और दीपों की कतारों ने मंदिर परिसर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।