11- राजेंद्र निवास पर रामलीला का मंचन करते कलातार- फाइल फोटो
अयोध्या। परंपरा और संस्कृति की धारा को निरंतर प्रवाहित करती राजेंद्र निवास की रामलीला के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। यह स्वर्णिम अवसर अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर के गौरव को और भी बढ़ा रहा है। रामकथा के मंचन का यह महोत्सव इस बार नए कलेवर में सजने जा रहा है। पहली बार संस्कार भारती लखनऊ के 40 कलाकार मंच पर उतरेंगे और श्रीराम की लीलाओं को जीवंत करेंगे।
राजेंद्र निवास की रामलीला अयोध्यास्थ रामलीला महोत्सव समिति की ओर से 1950 में शुरू की गई। जो मध्य में विभिन्न कारणों से लगभग 14 वर्षों तक स्थगित रही, 2002 में पुन: रामलीला का मंचन शुरू हुआ। यह रामलीला पात्रों के दमदार संवाद व अभिनय के चलते प्रख्यात थी। इसे देखने दूर-दूर से लोग आते थे। यहां रावण का पुतला दहन आज भी आकर्षक होता है। वर्तमान में महंत वैदेही बल्लभ शरण की अध्यक्षता में राजेंद्र निवास की रामलीला संचालित है। यह रामलीला रंगमहल के महंत रामशरण दास, महंत राजीव लोचन शरण, डॉ.प्रभाकर मिश्र के सहयोग से हर साल भव्य होती जा रही है।
महंत वैदेह बल्लभ शरण ने बताया कि रामलीला के 75 वर्ष पूरे होने पर इस बार रामलीला अधिक भव्य और आकर्षक होने जा रही है। पहली बार संस्कार भारती लखनऊ के प्रशिक्षित कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। इस बार की रामलीला राम की पैड़ी परिसर में 26 सितंबर से शुरू होगी। 200 फीट ऊंचे रावण दहन की तैयारी चल रही है। इस रामलीला में धनुष यज्ञ, दशहरा और राजगद्दी का मंचन सबसे अधिक आकर्षक होगा। पहली बार भव्य राम बरात निकालने की भी योजना है।