अयोध्या। हिंदी साहित्य के आलोचक-कवि डॉ. परमानन्द श्रीवास्तव की स्मृति में स्थापित पहला परमानन्द श्रीवास्तव आलोचना सम्मान सुप्रसिद्ध आलोचक, कवि एवं अनुवादक रघुवंशमणि को मिलेगा। 19-20 सितंबर की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘परमानन्द श्रीवास्तव : अवदान और महत्व’ के उद्घाटन सत्र में डॉ. श्रीवास्तव की पत्नी ज्ञानवती श्रीवास्तव व आलोचक शम्भुनाथ उन्हें सम्मानित करेंगे। उन्हें 11 हजार रुपये व प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। अयोध्या निवासी रघुवंशमणि लंबे समय तक अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे और तीन दशक से आलोचना में सक्रिय हैं। उनकी प्रमुख कृतियां ‘निर्वचन’ व ‘समय में हस्तक्षेप’ हैं।