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स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में हिंदी व अंग्रेजी में द्विभाषीय हों प्रश्नपत्र : राज्यपाल

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35- मंगलवार को राजभवन में अवध विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन तैयारी से संबंधित प्रस्तुतीकरण की
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अयोध्या। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रश्नपत्र द्विभाषीय (हिंदी व अंग्रेजी) हों। क्षेत्रीय भाषा में भी उपलब्ध कराए जाएं, क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया गया है। यह निर्देश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक फीडबैक लेकर उसे प्रभावी रूप से प्रदर्शित करने की हिदायत दी। नैक मूल्यांकन के सभी मानदंड में गुणवत्तापूर्ण व प्रासंगिक फोटोग्राफ्स उचित कैप्शन के साथ प्रदर्शित करने पर जोर दिया।
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राज्यपाल मंगलवार को राजभवन, लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की नैक मूल्यांकन तैयारी से संबंधित प्रस्तुतीकरण की समीक्षा बैठक में बोल रही थीं। इस दौरान विश्वविद्यालय की ओर से नैक के सभी 11 मानदंड (एट्रीब्यूट) पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। कुलाधिपति ने कहा कि स्मार्ट क्लास रूम, वॉर्ड, प्रयोगशालाओं में हो रहे प्रायोगिक कार्य, ऑडिटोरियम के उपयोग, दीक्षांत समारोह, आंगनबाड़ी व एचपीवी टीकाकरण, सम्मेलन, सेमिनार, विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक गतिविधियों और दिव्यांगजनों की ओर से लिफ्ट का उपयोग करते हुए फोटोग्राफ्स प्रभावी कैप्शन के साथ प्रस्तुतीकरण में शामिल किए जाएं। सभी गतिविधियों को फोटो के माध्यम से स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए।


राज्यपाल ने कुलपति को निर्देश दिया कि प्रत्येक मानदंड की खुद समीक्षा कर सुधार सुनिश्चित करें। संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी आपसी समन्वय से अपनी-अपनी सूचनाओं की जांच करें। छूटी हुई जानकारी का समावेश करें। अनावश्यक सामग्री को प्रस्तुतीकरण से हटाएं। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए किए गए एमओयू की पृथक सूची व फोटोग्राफ्स प्रस्तुत करें। अयोध्या के आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ विश्वविद्यालय की सहभागिता, बच्चों के लिए एचपीवी टीकाकरण व आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे प्रयासों को प्रस्तुतीकरण में प्रदर्शित किया जाए।
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अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को भी शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करें

कुलाधिपति ने कहा कि नैक मूल्यांकन की तैयारी को गंभीरता से लिया जाए। सभी सूचनाओं को सुव्यवस्थित, तथ्यात्मक और गुणवत्तायुक्त रूप में प्रस्तुत किया जाए। नैक प्रस्तुति में उन्नत भारत अभियान और वेब ऑफ साइंस में विश्वविद्यालय पंजीयन कराए। साथ ही अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को भी शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करें। नैक मूल्यांकन की टीम ने काफी डेटा अपडेट कर लिया है। श्रेष्ठ प्रदर्शन व अच्छे ग्रेड के लिए अभी इसमें कुछ और महत्वपूर्ण सुधार की आवश्यकता है।

नैक मूल्यांकन टीम की गतिविधि को रोज खुद परखेंगे कुलपति

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को नैक उच्च ग्रेड में ले जाने के लिए संकल्पित हैं। वह प्रतिदिन स्वयं दोपहर तीन बजे से शिक्षकों के साथ बैठक कर नैक मूल्यांकन की गतिविधियों को परखेंगे और अपूर्ण मानकों को अपनी देखरेख में ठीक कराएंगे। बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल जानी, सुधीर एम बोबडे, कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेंदु शुक्ल, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. सीके मिश्र, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. गंगाराम मिश्र, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. शैलेंद्र वर्मा, प्रो. सुरेन्द्र मिश्र, प्रो. विनोद चौधरी व डॉ. पीके द्विवेदी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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